दुकानों का सामान खराब, घरों की नींव को नुकसान
बाढ़ के पानी ने लोगों के घरों के साथ कारोबार को भी नुकसान पहुंचाया है। किराना दुकानों में रखा बिस्कुट और अन्य खाद्य सामान खराब हो गया। कई जगह अब भी पानी भरा होने से लोगों की परेशानी बनी हुई है। लंबे समय तक पानी जमा रहने के कारण मकानों की नींव और दीवारों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है। कुछ परिवारों के सामने खाने-पीने के सामान की समस्या है और प्रभावित लोग राशन के लिए फोन कर मदद मांग रहे हैं।
31 में से 26 इलाकों में बिजली बहाल
बाढ़ प्रभावित फैजुल्लागंज के 31 इलाकों में से 26 में शुक्रवार तक बिजली आपूर्ति बहाल होने की जानकारी सामने आई। हालांकि, कई स्थानों पर जलभराव और गंदगी के कारण सामान्य जनजीवन पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सका है। लोग घरों की सफाई, पेयजल और जरूरी सामान की व्यवस्था करने में लगे हैं।
16 दिन बाद प्रभावित क्षेत्र पहुंचे प्रभारी मंत्री
प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने शुक्रवार को फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने और प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाने में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। मंत्री ने स्वच्छ पेयजल और राशन की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए विशेष अभियान चलाने और प्रभावित इलाकों में साफ-सफाई पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों का सर्वे कराकर राहत पहुंचाई जाए। जरूरतमंदों को अगले 10 से 15 दिनों तक राहत उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान महापौर सुषमा खर्कवाल, नगर आयुक्त गौरव कुमार और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब फैजुल्लागंज के लोगों की सबसे बड़ी जरूरत घरों और गलियों की सफाई, सुरक्षित पेयजल, राशन और बीमारियों से बचाव की व्यवस्था है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि नगर निगम नियमित सफाई और कीटनाशक छिड़काव कराए, ताकि बाढ़ के बाद पैदा हुई मुश्किलों से जल्द राहत मिल सके।