राजधानी लखनऊ के उड़ान स्थल से रवाना होने वाली हज की पहली उड़ान इस बार महिला स्पेशल होने की उम्मीद है। राज्य हज कमेटी ने गैर महरम श्रेणी की महिला हज यात्रियों को पहली उड़ान से एक साथ रवाना करने की कवायद शुरू की है। इसके लिए हज कमेटी ऑफ इंडिया को पत्र भेजा गया है। वहीं, पत्र में राज्य हज इंस्पेक्टरों के आवेदन की उम्र सीमा को 5 वर्ष बढ़ाने का भी अनुरोध किया गया है।
प्रदेश से इस बार 17226 हज यात्रियों को रवाना किया जाना है। इनमें से गैर महरम कैटेगरी में 63 महिला भी शामिल हैं। गैर महरम कैटेगरी में 45 साल से ज्यादा उम्र की ऐसी महिलाएं जिनके साथ शरई महरम (ऐसे पुरुष साथी जिनसे पर्दा न हो) के तौर पर कोई पुरुष न हो और उनका मसलक बगैर महरम उन्हें हज पर जाने की इजाजत देता हो उनको शामिल किया गया है।
राज्य हज कमेटी के सचिव एसपी तिवारी ने बताया कि गैर महरम श्रेणी की करीब 45 महिलाओं को लखनऊ उड़ान स्थल से भेजा जाना है। इन महिलाओं को एक साथ पहली उड़ान हज पर भेजने के लिए हज कमेटी ऑफ इंडिया को पत्र भेजा गया है, ताकि इनको हज के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने बताया कि खादिमुल हुज्जाज का नाम बदल कर राज्य हज इंस्पेक्टर होने के बाद इनका चयन कम्प्यूटर बेस्ड परीक्षा के आधार पर किया जा रहा है। हज इंस्पेक्टर के आवेदन के लिए उम्र 50 वर्ष तय की गई है। उन्होंने कहा कि हज कमेटी की मांग है कि आवेदन की उम्र सीमा 50 से बढ़ाकर 55 वर्ष की जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग आवेदन किए जा सकें।