फिर काम नहीं आए फायर उपकरण
परिजनों का आरोप है आग लगने की घटना के बाद फायर उपकरण काम नहीं किए। फायर अलार्म तक नहीं बजा। जबकि धुआं वार्ड में भर गया था। यह स्थिति तब है जब हर साल करोड़ों रुपये फायर उपकरण के नाम पर केजीएमयू प्रशासन फूंक रहा है। हालांकि फायर उपकरण न चलने मसले पर काेई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं हुआ।
कोई हताहत नहीं हुआ
बच्चो को वार्ड से बाहर निकालने में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, सुरक्षाकर्मियों और बच्चों के परिजनों ने मिलकर काम किया। कई बच्चों के हाथों में ड्रिप लगी थी, कुछ ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। कई ऑपरेशन के बाद भर्ती थे। इसके बावजूद सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। किसी बच्चे को नुकसान नहीं पहुंचा।
दो घंटे तक बाहर खड़े रहे बच्चे
आग और धुआं पूरी तरह खत्म होने के बाद सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद बृहस्पतिवार देर रात करीब दो बजे के करीब पीडियाट्रिक सर्जरी वार्ड को फिर से शुरू किया गया। रात में दूसरे वार्डों में शिफ्ट किए गए सभी बच्चों को वापस उनके वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया। केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि सभी बच्चे सुरक्षित हैं। किसी भी मरीज को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। बच्चों को दोबारा उसी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। घटना पर करीब दो घंटे में काबू पा लिया गया।