राज्यसभा के तुरंत बाद विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव राजनीतिक तापमान बढ़ाए रखेगा। इसमें शिक्षक और स्नातक मतदाताओं की अलग मतदाता सूची, प्रत्याशियों का व्यक्तिगत संपर्क, शिक्षक संगठनों की सक्रियता और स्थानीय मुद्दे परिणाम पर असर डालते हैं। फिर भी इन सीटों पर प्रदर्शन से दलों को अपने संगठन की जमीनी सक्रियता का आकलन करने का मौका मिलेगा।