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UP: हत्या में आजीवन कारावास की सजा काट रही महिला कैदी की साढ़े पांच साल में रिहाई, जानें पूरा सच्चाई...

Sat, 24 Jan 2026 08:40 AM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

कानपुर में किरायेदार की बेटी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रही महिला कैदी को समय से पूर्व रिहाई मिल गई। बेहतर आचरण, अन्य कोई मामला न होना और 62 वर्ष की आयु पूरी होने पर राज्यपाल ने रिहाई को मंजूरी दी।

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हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ।
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विस्तार
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किरायेदार की बेटी की हत्या करने की सजा काट रही महिला को समय से पूर्व रिहाई के आदेश हुए हैं। कोई अन्य मामला न होने व 62 वर्ष उम्र पूरी होने की वजह से राज्यपाल ने रिहाई मंजूर की है। कानपुर के बर्रा-7 इलाके में रोशन लाल कठेरिया का है।

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उनके मकान में कुसुमा अपनी तीन बेटियों रचना, रोली व दीक्षा के साथ रहती थीं। रोशन की पत्नी माया ने बेटे सचिन व नितिन के साथ मिलकर रचना की हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम इसलिए दिया था क्योंकि रचना ने माया के बेटे नितिन से शादी करने से इंकार कर दिया था। सभी आरोपी दोषी पाए गए थे। 

24 अगस्त 2019 को अपर सत्र न्यायालय कानपुर नगर ने दंपति व उनके दोनों बेटों को आजीवन कारवास की सजा सुनाई थी। माया अब तक साढ़े पांच साल की सजा काट चुकी हैं। बेहतर आचरण, अन्य कोई मामला न होने और 62 वर्ष की आयु पूरी करने की वजह से राज्यपाल ने माया को समय से पूर्व रिहाई करने का आदेश दिया है।

गला कसकर मारा था, फिर फंदे पर लटकाया था

वारदात के दिन कुसुमा काम पर गई थीं। उनका बेटा अपने ताऊ के घर पर था। रचना अकेली थीं, उसकी दोनों बहने स्कूल गई थीं। इसी दौरान माया ने नितिन व सचिन के साथ मिलकर रचना की गला कसकर हत्या कर दी थी। वारदात को खुदुकुशी का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटका दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ था। रचना की छोटी बहन दीक्षा की गवाही से हत्यारों को सजा हुई थी।

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