लंबा है नेटवर्क
एनआईए की जांच में सामने आया है कि बैंककर्मियों की मिलीभगत से करेंसी चेस्ट में नकली नोट रखने के साथ ही उन्हें कई जगहों पर खपाया भी गया है। इसी वजह से इस नेटवर्क में कई अन्य लोगों के जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
एनआईए यह पता लगा रही है कि नकली नोटों को कहां खपाया गया। साथ ही जिन असली नोटों को निकाला गया, उन्हें कहां पर निवेश किया गया है। एनआईए जल्द अमित कुमार और आदेश को रिमांड पर लेकर इस बाबत पूछताछ करेगी।
जयपुर भेजी गई थी खेप
जांच में यह भी पता चला है कि बीती छह जुलाई को सहारनपुर से आरबीआई के जयपुर कार्यालय करीब 111 करोड़ रुपये की खेप भेजी गई थी। एनआईए इस खेप की पैकिंग, रखरखाव, सुपुर्दगी और भेजे जाने की पूरी प्रक्रिया खंगाल रही है। यह आशंका भी जताई जा रही है कि यह रकम देशविरोधी तत्वों द्वारा करेंसी चेस्ट में जमा कराई गई है। इसका पता लगाने के लिए बैंक कर्मियों के मोबाइल खंगाले जा रहे हैं।