प्रदेश में आवागमन की सुविधा अब बेहतर हुई है। उत्तर प्रदेश में आज छह से अधिक एक्सप्रेसवे (ईवे) हैं। साथ ही लिंक ईवे और संपर्क ईवे के जरिये छोटे जिलों को भी बड़े ईवे के साथ जोड़ा जा रहा है। लिंक एक्सप्रेसवे पर पहले चरण में 18 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होंगे।
प्रदेश में इस वक्त बलिया लिंक ईवे (131 किमी) के अलावा चित्रकूट लिंक ईवे (15.20 किमी), आगरा लखनऊ ईवे से पूर्वांचल ईवे तक लिंक एक्सप्रेसवे (61.60 किमी), गंगा एक्सप्रेसवे से आगरा एक्सप्रेसवे वाया फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे (93 किमी), यमुना एक्सप्रेसवे से गंगा एक्सप्रेसवे वाया बुलंदशहर लिंक एक्सप्रेसवे (84 किमी) निर्माणाधीन या प्रस्तावित हैं। इन लिंक ईवे के किनारों पर जहां सोलर पार्क विकसित किए जाएंगे, वहीं इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन और जनसुविधा केंद्रों को भी विकसित किया जाएगा।
शुरुआत में 4 और 6 लेन के होंगे लिंक एक्सप्रेसवे
प्रदेश सरकार बेहतर कनेक्टिविटी के लिए एक्सप्रेसवे और लिंक एक्सप्रेसवे का जाल बुन रही है। बलिया लिंक एक्सप्रेसवे गाजीपुर से बलिया के बीच की दूरी तय करेगा। इस पर 1600 करोड़ एनएचएआई खर्च करेगा। वहीं चार लेन का चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे आगे चलकर छह लेन का बनाया जाएगा। ये बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को अहमदगंज से जोड़ेगा। वहीं आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक एक्सप्रेसवे भी छह लेन से बढ़कर आठ लेन का बनाया जाएगा। 61.60 किलोमीटर लंबे इस लिंक एक्सप्रेसवे की लागत तकरीबन 4500 करोड़ रुपये होगी।
6500 करोड़ से तैयार होगा फर्रुखाबाद लिंक ईवे
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे के बीच वाया फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे भी शुरुआत में 6 लेन का होगा, जिसे आगे चलकर 8 लेन का बनाया जाना है। 93 किलोमीटर लंबे इस लिंक एक्सप्रेसवे की अनुमानित लागत 6500 करोड़ रुपये है। ऐसे ही जेवर एयरपोर्ट से निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले बुंदेलखंड लिंक एक्सप्रेसवे की लंबाई भी 84 किलोमीटर होगी, जिसके निर्माण पर 6 हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी।