प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) विद्यालयों के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिलाने की कवायद तेज हुई है। इसके तहत विभाग ने सभी डीआईओएस से निर्धारित प्रारूप पर विद्यालयों, वहां के प्रधानाचार्य आदि के बारे में जानकारी मांगी है। ताकि नियमित व मानदेय पर कार्यरत शिक्षकों, विषय विशेषज्ञों को इसका लाभ दिलाया जा सके।
विभाग के अनुसार इसके अगले चरण में शिक्षकों से उनका डाटा भरवाया जाएगा। इसे प्रधानाचार्य सत्यापित करेंगे। इसके बाद डीआईओएस के एप्रूव करते ही वह सीधे केंद्र सरकार को चला जाएगा और शिक्षकों का कार्ड बन जाएगा।