कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) घरेलू खाद्य सुरक्षा को सख्त वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने और भारत के प्रयोगशाला नेटवर्क को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। परीक्षण बुनियादी ढांचे में सुधार के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि भारतीय कृषि निर्यात गैर-टैरिफ बाधाओं को पार कर सकें और विदेशी बाजारों में उत्पाद अस्वीकृति की समस्या को रोका जा सके।
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इसी उद्देश्य के तहत राजस्व बोर्ड के अध्यक्ष और एसीई बागवानी तथा कृषि खाद्य प्रसंस्करण विभाग, एपीडा के नेतृत्व में निर्यातकों और हितधारकों की एक उच्चस्तरीय परामर्श बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में उत्तर प्रदेश में निर्यात परीक्षण क्षमताओं को और अधिक मजबूत करने के लिए उद्योग जगत से सुझाव आमंत्रित किए गए, जिसमें इंडो अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स को भी विशेष रूप से शामिल किया गया।
बैठक के दौरान एपीडा के अधिकारियों ने नेटवर्क के विस्तार, लैब परीक्षण के लिए फास्ट-ट्रैक अनुमोदन और प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में नमूनाकरण, आधुनिक उपकरण, डेटा प्रबंधन और मानकों के प्रोटोकॉल को उन्नत करने पर विशेष जोर दिया गया।
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इंडो अमेरिकन चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष मुकेश सिंह ने कृषि उत्पादों की प्रयोगशाला परीक्षण सुविधाओं के लिए वाणिज्यिक मॉडल अपनाने और चैंबर को परिचालन भागीदार के रूप में जोड़ने का सुझाव दिया। अधिकारियों ने इस प्रस्ताव का सकारात्मक स्वागत किया। अंत में यह रेखांकित किया गया कि मजबूत प्रयोगशाला परीक्षण और गुणवत्ता आश्वासन से न केवल फसल की उपज और किसान की आय में वृद्धि होगी, बल्कि उत्तर प्रदेश से होने वाले कृषि निर्यात को भी नई ऊंचाइयां मिलेंगी।