पुलिस ने रुदौली में छापा मारा।
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लवकुश राम मंदिर में कर्मी के तौर पर कार्यरत रहा
आरोपी युवक लवकुश मिश्रा (27 वर्ष) राम मंदिर में कर्मी के तौर पर कार्यरत रहा। उस पर दानपात्र के चढ़ावे के पैसे का गबन करने का आरोप है। लवकुश के पिता बच्चूलाल ने बताया कि राम मंदिर से चंपत राय सहित तीन-चार लोग उनके घर आए थे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फैजाबाद में बन रहे मकान का उनके बेटे से कोई संबंध नहीं है। यह मकान उन्होंने अपनी जमीन गिरवी रखकर बनवाया है। मेरा लड़का पिछले 5-6 महीने से राम मंदिर में काम कर रहा था। उसे वहां रवि मिश्रा ने काम पर लगवाया था।
रवि मिश्रा हमारे समधी हैं। फैजाबाद में जिस मकान का निर्माण हो रहा है, उसके लिए हमने बहुत पहले जमीन खरीद ली थी। उस जमीन और मकान से मेरे लड़के का कोई लेना-देना नहीं है। मैं करीब 10-12 बीघा खेत गिरवी रखकर मकान बनवा रहा हूं। मेरा लड़का जो पैसा राम मंदिर से लेकर आया था, उसे जो लोग यहां आए थे, वे अपने साथ लेकर चले गए। अब उससे हमारा कोई मतलब नहीं है।
एक साल पहले उसे मंदिर ट्रस्ट में नौकरी मिली थी
ग्रामीणों के अनुसार, लवकुश पहले कार मिस्त्री था। शादी के बाद करीब एक साल पहले उसे मंदिर ट्रस्ट में नौकरी मिली थी। गांव आने पर वह खूब पैसे खर्च करता था, यहां तक कि एक बार उसने शराब ठेके पर 50 हजार रुपये उड़ाए थे। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि पुलिस ने लवकुश की ओर से घूर में छिपाए गए रुपये भी बरामद किए हैं।
लवकुश के बाबा जगदम्बा मिश्रा गांव वालों से कहते थे कि मेरा नाती पैसा बहुत कमा रहा है मंदिर में जिसको दर्शन करना हो उसे मेरा नाती करवा देगा। वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग दबी जुबान कह रहे हैं कि लवकुश ने रुपयों को गांव के एक घूर में छिपा कर रखा था। पुलिस ने घूर से एक बोरी रुपया बरामद किया है ।