पूर्वांचल और दक्षिणांचल को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रहा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने एलान किया है कि जब तक निजीकरण का फैसला वापस नहीं होगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा। शुक्रवार को शक्ति भवन सहित विभिन्न कार्यालयों पर विरोध प्रदर्शन हुआ। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि आगरा में निजी कंपनी को बिजली देने में ही अब तक 2434 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है।
पावर काॅरपोरेशन 05.55 रुपये प्रति यूनिट पर बिजली खरीद कर टोरेंट पावर कंपनी को 04.36 रुपये प्रति यूनिट पर बिजली देता है। वर्ष 2023-24 में पावर कॉरपोरेशन द्वारा टोरंटो को दी गई बिजली से करीब 274 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। आगरा के साथ कानपुर शहर की बिजली व्यवस्था भी टोरेंट पावर कंपनी को सौंपने का निर्णय हुआ था। केस्को के बिजली कर्मियों के संघर्ष के चलते ऐसा नहीं हुआ। 14 साल बाद स्थिति यह है कि केस्को की ए टी एंड सी हानियां 09.6 फीसदी हैं, जबकि आगरा में टोरेंट पावर कंपनी की हानियां 09.82 फीसदी हैं।