पहले पदोन्नति में आरक्षण छिना और अब पद खत्म करने की तैयारी
उत्तर प्रदेश पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन की मंगलवार को फील्ड हास्टल में हुई बैठक में तय किया गया कि उपभोक्ता हितों का ध्यान रखते हुए बांह पर काली पट्टी बांध कर कार्य किया जाएगा। उपभोक्ताओं ने कहा कि पहले पदोन्नति में आरक्षण छीना गया और अब पीपीपी मॉडल के जरिए पिछड़े व दलित वर्ग के अभियंताओं के पद खत्म करने की तैयारी है। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि सभी 42 जिलों में निजीकरण के विरोध होगा, लेकिन आम उपभोक्ताओं के हितों को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। शाम को बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर लेकर आरक्षण बचाने की भी गुहार लगाई जाएगी। यह बताया जाएगा कि कार्पोरेशन प्रबंधन के पीपीपी मॉडल से आरक्षण को नुकसान होगा। बाबा साहब द्वारा दिए गए संवैधानिक व्यवस्था पर कुठाराघात होगा। एसोसिएशन के अध्यक्ष केबी राम, कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा, अनिल कुमार, आरपीकेन, बिंदा प्रसाद, एके प्रभाकर, ट्रांसमिशन अध्यक्ष सुशील कुमार वर्मा आदि ने कहा कि पीपीपी मॉडल लागू होते ही दोनों बिजली कंपनियों में स्वीकृत पद के अनुपात में लगभग 16 हजार आरक्षण के पद समाप्त हो जाएंगे। इससे पहले पदोन्नतियों में आरक्षण छीन जा चुका है और अब नौकरियों मे आरक्षण छीनने की तैयारी है, जिसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।