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UP: बिजली संघर्ष समिति का दावा, प्रदेश में 37 दिनों में हुई है 22 संविदा कर्मियों की मौत, 14 गंभीर रूप से घायल

Mon, 15 Jun 2026 09:59 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

UP Electricity Department: विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति का दावा है कि पिछले 37 दिनों में बिजली फाल्ट ठीक करने के दौरान 22 कर्मियों की मौत हुई है। 
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फाल्ट ठीक करने के दौरान हुई हैं मौतें। - फोटो : 1
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विस्तार
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति का दावा है कि पिछले 37 दिन में करीब 22 संविदा कर्मियों की मौत हुई है। इसी अवधि में 14 से अधिक संविदा कर्मी गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। समिति ने इन मौतों पर चिंता जताते हुए मांग की है कि संविदा कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए। जिन लोगों को हटाया गया है उन्हें तत्काल काम पर बुलाया जाए।

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संघर्ष समिति के पदाधिकारियोंने क हा कि प्रदेश में लगातार बढ़ रहे विद्युत फाल्ट, दुर्घटनाओं से संविदा कर्मियों की मौत हो रही है। कर्मियों की संख्या कम होने की वजह से उन्हें ज्यादा जोखिम लेना पड़ रहा है। जल्दबादी में भी कई घटनाएं हुई हैं। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण प्रदेश में बिजली की मांग नए रिकॉर्ड बना रही है। यह मांग आने वाले दिनों में 36,000 मेगावाट तक पहुंच सकती है। 

ऐसे में पर्याप्त कर्मियों की आवश्यकता है। निजीकरण की प्रक्रिया के दौरान 45 फीसदी से अधिक संविदा कर्मियों को काम से हटा दिया गया है। इसके अलावा, नियमित कर्मचारियों और अभियंताओं के खिलाफ धरना-प्रदर्शन में भाग लेने के कारण अनुशासनात्मक और उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयां की गई हैं। 
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समिति ने कहा कि मार्च 2023 के आंदोलन के बाद ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने उत्पीड़नात्मक कार्रवाई वापस लेने के निर्देश दिए थे। हालांकि, उन निर्देशों पर आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। संविदा कर्मियों की संख्या में कमी से विद्युत फाल्ट ठीक करने में अत्यधिक देरी हो रही है। इससे उपभोक्ताओं को घंटों तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।

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