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UP: बिजली रात में 6.55 रुपये पर खरीदी, दिन में 3.77 प्रति रुपये यूनिट पर बेची; उपभोक्ता परिषद ने की ये मांग

Thu, 18 Jun 2026 08:19 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

प्रदेश में बिजली खरीद और बिक्री की दरों में बड़े अंतर को लेकर उपभोक्ता हितों की चिंता जताई गई है। कम कीमत पर बिजली बेचने और अधिक कीमत पर खरीदने से आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका व्यक्त की गई। इस संबंध में ऊर्जा क्षेत्र के नियमों में बदलाव की मांग करते हुए केंद्र सरकार को पत्र भेजा गया है।
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ऊर्जा मंत्री एके शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश में पावर कार्पोरेशन ने दिन में 3.77 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बेची है, जबकि उसे रात में अधिक मांग होने पर 6.55 रुपये प्रति यूनिट बिजली खरीदनी पड़ी है। ऐसे में राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र भेजकर बिजली खरीद के नियमों में बदलाव की मांग की है।

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उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने अब तक 1619.56 मिलियन यूनिट बिजली खरीद की है। इसकी औसतन मूल्य 6.52 रुपये प्रति यूनिट थी। इसी तरह कार्पोरेशन ने 6060.29 मिलियन यूनिट बिजली पावर एक्सचेंज के जरिए बेची है। 

इसका औसत मूल्य 3.77 रुपये प्रति यूनिट था। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि ऊर्जा विभाग के बिजली खरीद और बिक्री के नियमों की वजह से उपभोक्ताओं को नुकसान उठाना पड़ रहा है। अधिक मूल्य पर खरीदी गई बिजली का भार किसी न किसी रूप में उपभोक्ताओं पर डाला जाएगा। 

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तत्काल बदलाव किया जाना चाहिए

ऐसे में उन्हें अतिरिक्त भुगतान करना होगा। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर को भेजे पत्र में बताया कि जिन नियमों की वजह से उपभोक्ताओं को नुकसान उठाना पड़े, उसमें तत्काल बदलाव किया जाना चाहिए। 

बिजली खरीद व बिक्री की दरें देश में संचालित पावर एक्सचेंज व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा कर रही हैं। देश की उत्पादन इकाइयां पावर व एनर्जी एक्सचेंज पर कैसे आपदा में अवसर तलाश कर अपनी बिजली को कालाबाजारी के तहत बेच रही है। इसका खामियाजा उपभोक्ता भुगत रहा है। 

परिषद ने कहा कि बिजली की उत्पादन लागत दिन और रात में अलग नहीं होती है। फिर भी पीक आवर्स के नाम पर बिजली के दाम कई गुना बढ़ जाना इस बात का संकेत है कि व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं और इसकी आड़ में कालाबाजारी जैसी परिस्थितियां पैदा हो रही हैं। सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से तत्काल एनर्जी एक्सचेंज के नियमों में बदलाव की मांग की है।
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