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UP: नियमों के अनुसार बढ़ाया गया बिजली भार, उपभोक्ताओं की शिकायत पर पॉवर कार्पोरेशन ने रखा पक्ष

Mon, 06 Jul 2026 03:37 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

पावर कॉर्पोरेशन ने कहा कि उपभोक्ताओं को एसएमएस के जरिये भार बढ़ाने की सूचना दी जा रही है। विद्युत उपभोक्ताओं की सूचना पर पावर कार्पोरेशन ने जवाब दिया है।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
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प्रदेश भर में भार बढ़ाने के मामले में उपभोक्ताओं की आ रही शिकायतों पर पॉवर कॉर्पोरेशन ने अपना पक्ष रखा है। कॉर्पोरेशन का कहना है कि उपभोक्ताओं को एसएमएस से भार बढ़ाने के संबंध में सूचनाएं भेजी जा रही है। कॉर्पोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) प्रशांत वर्मा ने बताया कि विद्युत नियामक आयोग की विद्युत आपूर्ति संहिता-2005 और टैरिफ आदेश वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रावधानों के अनुसार ही भार में बढ़ोतरी की गई है। 

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एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच हुई बिलिंग के दौरान जिन उपभोक्ताओं ने तीन बार स्वीकृत भार का उल्लंघन किया है। उन उपभोक्ताओं के द्वारा प्रयोग की गई तीन अधिकतम मांग के आधार पर भार पुनर्निर्धारण किया गया है। पहले यह नियम था कि भार बढ़ाने से पहले उपभोक्ताओं को सूचना देना जरूरी थी, लेकिन अब नियम में बदलाव किया गया है। इससे भार बढ़ाने के बाद भी उपभोक्ताओं को सूचना दी जा सकती है।

टैरिफ प्रावधानों के अनुसार स्वीकृत भार से अधिक भार प्रयोग करने पर एक्सेस डिमांड चार्ज (अधिक मांग प्रभार) देय हैं। घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए यह 100 फीसदी तथा अन्य उपभोक्ताओं के लिए 200 फीसदी की दर से देय हैं। जब उपभोक्ता का स्वीकृत भार नियमानुसार पुनर्निर्धारित होता है, तब स्वीकृत भार के भीतर भार प्रयोग पर अधिक मांग प्रभार नहीं लगेगा।
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निदेशक वाणिज्य ने बताया कि स्वीकृत भार सही होगा तो विद्युत नेटवर्क (लाइन एवं ट्रांसफार्मर) को डिस्काम भार के अनुरूप विकसित करना आसान होगा। इसी रणनीति के तहत भार वृद्धि की गई है।

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