विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने सोमवार को निजीकरण का विरोध किया और बिजली बिल राहत योजना में उपभोक्ताओं का पंजीयन भी कराया। यह संकल्प दोहराया कि निजीकरण का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने विभिन्न कार्यालयों पर भोजनावकाश के दौरान विरोध प्रदर्शन किया। कार्य के वक्त राहत योजना में उपभोक्ताओं का पंजीयन कराया। संघर्ष समिति ने कहा कि पॉवर काॅर्पोरेशन प्रबंधन ने निजी घरानों के साथ मिलीभगत कर रखी है। मुख्यमंत्री की मंशा के विपरीत एक लाख करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों को औनेपौने दामों में बेचने की कोशिश कर रहा है। आरडीएसएस योजना में पूर्वांचल में 3842 करोड़ और दक्षिणांचल में 3247 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। इसके बाद भी दोनों निगमों को निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी है।
यूपी में ओटीएस योजना लागू।
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बिजली बिल राहत योजना 2025 की शुरुआत के पहले दिन शहर के विभिन्न कार्यालयों और बिलिंग केंद्रों पर बकायेदारों की अच्छी-खासी भीड़ जुटी। बकायेदारों ने कर्मियों से पूछा... कितनी रकम जमा करनी होगी, किश्तें कब तक देनी होंगी, और बिल भरते रहने के बावजूद देनदारी क्यों दिख रही है? कर्मियों ने पंजीकरण कराने की अपील की तो कई बकायेदार मुस्कराते हुए बोले कि अगली बार आएंगे और फिर लौट गए। पहले दिन 1.13 लाख बकायेदारों में से केवल 200 ने पंजीकरण कराया। इनमें सर्वाधिक संख्या अमौसी जोन की रही।
बकायेदारों की सुविधा के लिए उपकेंद्रों समेत विभिन्न कार्यालयों पर पंजीयन शिविर भी लगाए गए। साथ ही देनदारों को नोटिस रिसीव कराए जाने का सिलसिला शहर से गांव तक जारी रहा। योजना की प्रगति पर नजर रखते हुए मुख्य अभियंता वीपी सिंह, सुशील गर्ग, रवि अग्रवाल और महफूज आलम ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में अधिक लोग बिल जमा करने आगे आएंगे।
बड़े बिल वाले निकले फकीरे, मिली 1.25 लाख की छूट मलिहाबाद खंड अंतर्गत काकोरी के नौबस्ता निवासी फकीरे ने योजना का लाभ लेते हुए 1.25 लाख रुपये की छूट पाई। मुख्य अभियंता महफूज आलम के मुताबिक फकीरे पर 1,76,771 रुपये का बकाया था जिसमें 1,08,226 रुपये ब्याज शामिल था। पंजीकरण के रूप में 2,000 रुपये जमा कर उन्होंने 25 प्रतिशत अतिरिक्त छूट (17,136 रुपये) भी हासिल की और केवल 51,409 रुपये जमा करके बकाया कर्ज से मुक्त हो गए।