राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी और महामंत्री अरुणा शुक्ला ने आयोग के समक्ष न्यूनतम वेतन 60 हजार रुपये, अधिकतम वेतन 8.33 लाख रुपये, 3.333 फिटमेंट फैक्टर तथा वार्षिक वेतन वृद्धि 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा। परिषद ने 50 प्रतिशत महंगाई भत्ते को मूल वेतन में समाहित करने, प्रत्येक पांच वर्ष में पदोन्नति अथवा वित्तीय उन्नयन, पुरानी पेंशन बहाली, 70 वर्ष की आयु के बाद चरणबद्ध पेंशन वृद्धि और ग्रेच्युटी सीमा 50 लाख रुपये करने की मांग भी की।
कुशल श्रीवास्तव ने ऑर्डनेंस फैक्ट्री अस्पतालों के कर्मचारियों के एंट्री पे-लेवल में वृद्धि, विभिन्न भत्तों के पुनरीक्षण तथा सेवा संबंधी मांगें आयोग के समक्ष रखीं। एसोसिएशन के अनुसार आयोग ने अधिकांश प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख दिखाया। फार्मेसी अधिकारियों के लिए प्रस्तावित नई वेतन संरचना को भी आयोग की संस्तुतियों में शामिल करने का आश्वासन दिया गया।
वहीं, उत्तर प्रदेश आईएएस एसोसिएशन और रिटायर्ड आईएएस एसोसिएशन की ओर से वरिष्ठ आईएएस अधिकारी देवेश चतुर्वेदी ने वेतन, भत्तों, चिकित्सा सुविधाओं, हाउस बिल्डिंग एडवांस, ग्रेच्युटी, पेंशन कम्यूटेशन तथा वरिष्ठ स्तरों पर वेतन प्रगति में सुधार की जरूरत पर जोर दिया।