यूनिकॉर्न वह निजी स्टार्टअप है जिसका मूल्यांकन कम से कम एक अरब डॉलर यानी करीब 8,900 करोड़ रुपये हो। सूनिकॉर्न के जल्द यूनिकॉर्न बनने की संभावना होती है। इन कंपनियों में पेटीएम का राजस्व करीब 7,000 करोड़, फिजिक्सवाला 2,000 करोड़, पाइनलैब्स 1,500 करोड़, इंफोएज 3,900 करोड़, मॉजलिक्स 5,700 करोड़, इंडियामार्ट 1,380 करोड़, इनोवेसर 1,250 करोड़, रेटगेन 1,000 करोड़ और रैफे एमफिन 268 करोड़ रुपये है।
आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रमुख सचिव आलोक कुमार का कहना है कि प्रदेश में स्टार्टअप नीति के जरिये निवेश और विस्तार के अवसर उपलब्ध कराकर कारोबारी माहौल को बेहतर बनाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य यूपी के स्टार्टअप को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाना है, जिसमें एआई, डीप-टेक, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वास्थ्य तकनीक जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर रहेगा।