एलडीए के दो दिवसीय रजिस्ट्री शिविर के पहले दिन 97 रजिस्ट्रियां हुईं। शिविर सुबह 10 बजे से शुरू होना था, लेकिन रजिस्ट्री विभाग के कर्मचारी करीब डेढ़ घंटा देरी से आए। ऐसे में रजिस्ट्री कराने आए लोगों को इंतजार करना पड़ा। बृहस्पतिवार को भी शिविर लगेगा।
एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि शिविर से पहले आवंटियों की रजिस्ट्री की फाइल तैयार कराने के लिए सात दिन तक अलग से कैंप लगा था, जिसमें 384 आवंटियों की फाइलें रजिस्ट्री के लिए तैयार कराई गई हैं। कैंप में रजिस्ट्री के लिए सुबह से ही भीड़ जुट गई थी, और देर शाम तक निबंधन का काम चला।
शिविर में रजिस्ट्री कराने के लिए राजाजीपुरम निवासी संतोष शुक्ला अपने पति मुनेश के साथ वाकर से पहुंची थीं। उनके पैर में ऑपरेशन हुआ था। कार से उतरीं तो एलडीए की सीढि़यां देखकर वह राेने लगीं। बोलीं- कैसे चढ़ पाएंगे? उनके पति ने व्हीलचेयर तलाशी, मगर वह नहीं मिली। इसकी जानकारी मिलने पर सचिव विवेक श्रीवास्तव ने उप सचिव माधवेश कुमार को भेजा और उन्होंने व्हीलचेयर का इंतजाम कराया। इस दौरान उन्हें करीब 40 मिनट इंतजार करना पड़ा।