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यूपी: गंगा एक्सप्रेसवे को दुर्घटनाओं से मुक्त बनाने की कोशिश, अक्तूबर 2026 से हो सकता है शुरू; जानिए डिटेल

Sat, 14 Feb 2026 07:05 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Ganga Expressway: मेरठ से प्रयागराज तक बन रहा उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है। 
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गंगा एक्सप्रेसवे। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने शनिवार को पिकप उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के विकास कार्यों, संचालित, निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के साथ ही अन्य कार्यों की समीक्षा की। जिसमें मंत्री नन्दी ने निर्माणाधीन मेरठ से प्रयागराज तक उत्तर प्रदेश के सबसे लम्बे गंगा एक्सप्रेसवे के बचे हुए कार्य को शीघ्र पूरा कराने एवं प्रस्तावित सभी नए एक्सप्रेसवे का हर हाल में अक्टूबर 2026 तक शिलान्यास कराने के निर्देश दिए। साथ ही शासन के आदेशों का कड़ाई से पालन कराने का सम्बंधित अधिकारियों को आदेश दिया।

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नन्दी ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों से गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रगति एवं कार्य पूर्ण होने के साथ ही लोकार्पण की स्थिति की जानकारी ली। जिस पर अधिकारियों द्वारा बताया गया कि 594 किलोमीटर लम्बे प्रदेश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे के मेन कैरिजवे का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। वाहनों का अवागमन शुरू होने के पूर्व अब सुरक्षात्मक उपायों पर विशेष रूप से कार्य किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में संचालित एक्सप्रेसवे के किनारे अभी तक खम्भे लगा कर लोहे के तारों से फेंसिंग कराई गई है। 

जिसकी वजह से आस-पास के गांवों के लोग तारों को काट कर रास्ता बना लेते हैं। स्थानीय लोग तो आवागमन करते ही हैं, जानवर भी सड़क पर आ जाते हैं, जिससे दुर्घटना की सम्भावना बढ़ जाती है। इस तरह की मनमानी को रोकने के लिए गंगा एक्सप्रेसवे पर पक्का बाउण्ड्री वाल एवं मेटल बीम क्रैश बैरियर का निर्माण कराया जा रहा है। ताकि सुरक्षित तरीके से वाहनों का अवागमन हो सके। अधिकारियों ने बताया कि 295 किलोमीटर मार्ग पर बाउण्ड्रीवाल और मेटल बीम क्रैश बैरियर का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है। यह कार्य पूरा होते ही गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण कराया जाएगा।

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ये एक्सप्रेसवे भी कतार में 

औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने नवीन प्रस्तावित एक्सप्रेसवे- विंध्य एक्सप्रेसवे, विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे, चित्रकूट-रीवा लिंक एक्सप्रेसवे के साथ ही प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे (आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे), फर्रूखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे (गंगा एक्सप्रेसवे से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे), जेवर लिंक एक्सप्रेसवे (यमुना एक्सप्रेसवे, जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेस वाया बुलन्दशहर, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे का अक्टूबर 2026 तक शिलान्यास कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

मंत्री नन्दी ने यूपीडा में लम्बे समय से प्रतिनियुक्ति पर तैनात अधिकारियों को उनके मूल विभागों में भेजे जाने एवं अन्य विभागों से अधिकारियों की यूपीडा में तैनाती की व्यवस्था सुनिश्चित कराने एवं अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित कराने के निर्देश दिए। मंत्री नन्दी ने कहा कि विवादित प्रकरणों में भूखण्डों का आवंटन सभी शर्तों को ध्यान में रखते हुए किया जाए। बैठक में प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार, एसीईओ यूपीडा हरि प्रताप शाही, एसीईओ यूपीडा शशांक चौधरी एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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