दवाओं और उपकरणों की आपूर्ति में कथित घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व विधायक के भाई अजय कुमार श्रीवास्तव की तलाश शुरू की है। विजिलेंस ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट हासिल किया है। पूर्व विधायक को जमानत मिल गई है और अब प्रवर्तन निदेशालय उसके बयान दर्ज करेगा।
देवीपाटन मंडल के चार जिलों में दवाओं और उपकरणों की सप्लाई के कार्यों में घोटाला करने वाले बहराइच की पयागपुर सीट से पूर्व कांग्रेस विधायक मुकेश श्रीवास्तव के भाई अजय कुमार श्रीवास्तव की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तलाश शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर विजिलेंस ने भी अजय श्रीवास्तव के खिलाफ अदालत से गैर जमानती वारंट हासिल कर लिया है। विजिलेंस ने बीते दिनों उसके ठिकानों पर छापा मारा था, जिसके बाद वह भूमिगत हो गया था।
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इससे पहले विजिलेंस ने मुकेश श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया था हालांकि उसे हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। अब ईडी उसे समन भेजकर पूछताछ के लिए तलब करेगी। वहीं ईडी के अधिकारी अजय श्रीवास्तव के बारे में भी पता लगाने में जुट गए हैं। दरअसल, देवीपाटन मंडल के चार जिलों गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर के जिला अस्पतालों में दवाओं और उपकरणों की आपूर्ति के कार्य मुकेश श्रीवास्तव की फर्मों को दिलाने में उसके भाई अजय की अहम भूमिका थी।
स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी होने की वजह से अजय की सीएमओ, एसीएमओ आदि अधिकारियों में गहरी पैठ थी। इसी वजह से तमाम दवाओं और उपकरणों की आपूर्ति के बिना ही उनके बिल मंजूर होते गए। ईडी के अधिकारी यह पता लगाने की कवायद में भी जुटे हैं कि पूर्व में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) घोटाले में मुकेश की संलिप्तता के बावजूद उसे सरकारी काम कैसे मिलते गए। फिलहाल ईडी विजिलेंस की चारों एफआईआर में नामजद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की फेहरिस्त तैयार कर रही है, जिन्हें अगले सप्ताह से समन भेजकर तलब किया जाएगा।