झांसी की गरौठा सीट से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के ठिकानों पर बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापे मारे, जिसमें करोड़ों रुपये की अघोषित चल-अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए। ईडी ने यह कार्रवाई विजिलेंस द्वारा दीप नारायण और उनके सहयोगियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की एफआईआर के आधार पर की है। छापे की कार्रवाई झांसी, लखनऊ और बांदा के आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर जारी है।
ईडी के अधिकारियों के मुताबिक विजिलेंस ने 30 जुलाई 2020 को दीप नारायण और उनके सहयोगियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की एफआईआर दर्ज की थी, जिसके आधार पर सितंबर 2022 में ईडी के प्रयागराज सब जोनल कार्यालय ने भी प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। वहीं उनके खिलाफ प्रदेश पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट, धोखाधड़ी, जालसाजी, जबरन वसूली, हत्या की कोशिश, डकैती जैसे करीब 60 मामले दर्ज किए हैं। ईडी ने अपनी जांच आगे बढ़ाने के लिए बुधवार सुबह दीप नारायण के लखनऊ और झांसी के ठिकानों को खंगाला।
झांसी के अलावा राजधानी स्थित उनके न्यू हैदराबाद और कानपुर रोड स्थित सनराइज अपार्टमेंट के फ्लैट्स को खंगाला गया, जहां करोड़ों रुपये की संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए गए। जांच से पता चला कि उन्होंने रीयल एस्टेट, कंस्ट्रक्शन और अन्य व्यवसायों में लगी कंपनियों और एलएलपी फर्म्स के नेटवर्क के जरिए अपराध से कमाई की गई। बाद में बड़ी मात्रा में धनराशि की मनी लांड्रिंग की गई। छापे की जद में उनके परिजन, संस्थाएं, सहयोगियों के आवास और व्यावसायिक ठिकाने भी शामिल किए गए थे। इसका उद्देश्य दीप नारायण और उनके सहयोगियों द्वारा अपराध से की गई कमाई, संपत्तियों के असली मालिक, वित्तीय लेनदेन और संदिग्ध अवैध स्रोतों से हासिल की गई संपत्ति से जुड़े सुबूत जुटाना था। ईडी के अधिकारी छापे में बरामद आपत्तिजनक दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों और चल-अचल संपत्ति व वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है।
23 करोड़ की अघोषित संपत्ति का पता चला था
पूर्व विधायक के खिलाफ विजिलेंस जांच में करीब 23 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्तियों का खुलासा हुआ था। जांच में उनकी आय के सभी ज्ञात स्रोतों से 14.30 रुपये जुटाने की जानकारी मिली थी, जबकि छानबीन में उनके पास कुल 37.32 करोड़ रुपये की संपत्ति पाई गई। साथ ही उनके तीन बिजनेस पार्टनर का नाम भी सामने आया था। झांसी पुलिस दीप नारायण और उनके करीबियों की 600 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाली संपत्तियों को जब्त भी कर चुकी है।