सैंकड़ों निवेशकों की गाढ़ी कमाई को हड़पने वाली रीयल एस्टेट कंपनी अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (अंसल एपीआई) के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापों में 217.80 करोड़ रुपये की 62 संपत्तियों का पता चला है, जो कंपनी के प्रमोटर निदेशक प्रणव अंसल उनके परिवार के सदस्यों और संबंधित संस्थाओं के नाम पर खरीदी गई हैं। इसकी जानकारी प्रणव अंसल के जब्त मोबाइल को खंगालने से मिली है। वहीं 174 सहयोगी कंपनियों का भी पता चला है, जिनके जरिये निवेशकों के करोड़ों रुपये डायवर्ट किए जाने के प्रमाण भी मिले हैं।
बता दें कि ईडी, लखनऊ जाेनल कार्यालय की टीमों ने बुधवार को अंसल एपीआई के दिल्ली, लखनऊ और गाजियाबाद के 8 ठिकानों पर छापा मारा था, जो बृहस्पतिवार देर रात खत्म हो गए। ईडी के अधिकारियों के मुताबिक यूपी, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में दर्ज 100 से अधिक एफआईआर के आधार पर अंसल एपीआई और उसके वरिष्ठ प्रबंधन के खिलाफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत छापे मारे गए थे। इस दौरान प्रणव अंसल (प्रमोटर निदेशक), दीपक मोवर (निदेशक) अन्य वरिष्ठ कर्मचारियों के आवास और अंसल एपीआई के कॉर्पोरेट कार्यालयों को खंगाला गया।
जांच में पता चला कि खरीदारों के पैसे का एक बड़ा हिस्सा डायवर्ट करके गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया। कई बार समन भेजे जाने के बावजूद वरिष्ठ प्रबंधन ने जांच में सहयोग नहीं किया और वित्तीय और निवेशकों से जुड़े दस्तावेज नहीं सौंपे। छापे में कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए। इनमें वित्तीय विवरण, अंसल समूह की परियोजनाओं आदि की जानकारी है।
निवेशकों को देते रहे धोखा
बता दें कि अंसल एपीआई के खिलाफ दर्ज मुकदमों में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और घर खरीदारों को धोखा देने का आरोप लगाया गया है। एफआईआर में सामूहिक रूप से 135.51 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी अंजाम देने की शिकायत की गई है। निवेशकों और घर खरीदने वालों को ऐसी परियोजनाओं में फंसाया गया जो या तो कभी पूरी नहीं हुईं या कभी सौंपी ही नहीं गईं। उनसे जुटाई गई धनराशि को हड़प लिया गया।