जौहर ट्रस्ट मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने पूर्व मंत्री आजम खां से मंगलवार को रामपुर जेल में करीब 8 घंटे तक गहन पूछताछ की। उनसे जौहर ट्रस्ट में हुई गड़बड़ियों, जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन का उपयोग और शत्रु संपत्तियों पर कब्जे के बारे में सवाल किए गए। सूत्रों के मुताबिक आजम ने सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया और ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया।
ईडी की तीन सदस्यीय टीम ने सुबह रामपुर जेल जाकर आजम से पूछताछ का सिलसिला शुरू किया। पहले तो वह खुद को अस्वस्थ बताते रहे लेकिन बाद में कुछ सवालों के जवाब दिए। जौहर ट्रस्ट के डमी ट्रस्टी और फर्जी दानदाताओं के बारे में पूछने पर उन्होंने अनभिज्ञता जताई। वहीं सरकारी विभागाें के बजट से जौहर यूनिवर्सिटी के भवनों के निर्माण में अपनी भूमिका से इन्कार कर दिया।
वह लगातार दावा करते रहे कि उन्होंने गरीबों की शिक्षा के लिए यूनिवर्सिटी बनाई है। हालांकि जब अधिकारियों ने उनके कुछ करीबियों के बयानों को सत्यापित कराना शुरू किया तो उन्होंने चुप्पी साध ली। ईडी के अधिकारियों ने उनका बयान दर्ज कर लिया है। अब जल्द आजम के बेटे अब्दुल्ला आजम से पूछताछ की तैयारी है।