रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार। डेमो पिक
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ जोन कार्यालय में तैनात एक प्रवर्तन अधिकारी और सीआरपीएफ के एक हेड कांस्टेबल को रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि ईडी के बैंक फ्रॉड से जुड़े एक मामले में राहत दिलाने के नाम पर पांच लाख रुपये घूस मांगी थी। शिकायत मिलने पर शुक्रवार को कार्रवाई के दौरान 3.50 लाख रुपये लेते हुए हेड कांस्टेबल को दिल्ली और प्रवर्तन अधिकारी को राजधानी के अशोक मार्ग के जोनल कार्यालय से दबोच लिया गया। सीबीआई ने उनके आवास पर छापे मारे है।
आरोपी हेड कांस्टेबल मनोज द्विवेदी मूल रूप से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में तैनात है। वह डेपुटेशन पर ईडी के लखनऊ जोन कार्यालय में काम कर रहा था। आरोप है कि उसने ईडी के एक मामले में मदद करने और राहत दिलाने के नाम पर शिकायतकर्ता के पिता से पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। शुक्रवार को तय रकम में से 3.50 लाख रुपये लेते समय उसे पकड़ लिया गया।
दो समन मिलने के बाद मांगी गई रिश्वत
शिकायतकर्ता के पिता को अगस्त और सितंबर 2026 में ईडी के लखनऊ जोन कार्यालय से दो समन मिले थे। इसी मामले में मदद करने के नाम पर रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की गई थी। आरोप है कि हेड कांस्टेबल यह रकम लखनऊ जोन कार्यालय में तैनात प्रवर्तन अधिकारी दीपक कुमार की ओर से ले रहा था।
शिकायत के आधार पर एजेंसी ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। हेड कांस्टेबल को पकड़ने के बाद दूसरे आरोपी प्रवर्तन अधिकारी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों के दिल्ली और लखनऊ से पकड़े जाने के बाद उनके घरों पर भी छापे मारे गए। छापों के दौरान क्या बरामद हुआ, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच
जांच एजेंसी अब यह पता लगा रही है कि रिश्वत मांगने और लेने के मामले में दोनों आरोपियों के अलावा किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भी भूमिका थी या नहीं। ईडी के मामले में शिकायतकर्ता के पिता को राहत दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगे जाने के आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।