संजय सिंह ने पंजाब में आम आदमी पार्टी के नेताओं पर ईडी की कार्रवाई को लेकर संजय सिंह ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा हर चुनावी राज्य में ईडी, सीबीआई, चुनाव आयोग और केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर लोकतंत्र को कुचल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग में बैठे ज्ञानेश कुमार के माध्यम से पूरे देश में चुनावी घोटाले किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले अशोक मित्तल पर छापेमारी कर उन्हें भ्रष्टाचारी बताया गया, लेकिन भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें “वाशिंग मशीन” में धुला हुआ घोषित कर दिया गया। अब पंजाब में संजीव अरोड़ा को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तीन दिन तक छापेमारी के बावजूद कुछ नहीं मिला तो झूठा मामला बनाकर गिरफ्तारी कर ली गई।
संजय सिंह ने कहा कि ईडी भाजपा का “सुपारी किलर” बन चुकी है। जहां चुनाव होता है वहां यह एजेंसी सक्रिय हो जाती है और राजनीतिक विरोधियों की “राजनीतिक हत्या” करने का काम करती है। उन्होंने कहा कि संजीव अरोड़ा की कंपनी पर मोबाइल निर्यात में फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया जबकि हर मोबाइल का आईएमईआई नंबर होता है और आसानी से पता लगाया जा सकता है कि मोबाइल निर्यात हुआ या नहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल दबाव बनाकर विरोधियों को अपनी पार्टी में शामिल कराना चाहती है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और बाद में उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया। हिमंत विश्व शर्मा पर आरोप लगाए और बाद में उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा की लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं बल्कि विरोधियों को डराकर अपनी पार्टी में शामिल कराने की है।
उन्होंने कहा कि राजकुमार आनंद और कैलाश गहलोत पर पहले छापेमारी और पूछताछ की गई, उन्हें भ्रष्टाचारी बताया गया और बाद में भाजपा में शामिल कर लिया गया। यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक दबाव और तानाशाही का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि बंगाल की तरह अब पंजाब में भी यही खेल शुरू हो गया है और चुनाव तक रोज छापेमारी और राजनीतिक उत्पीड़न चलता रहेगा।
संजय सिंह ने घोषणा की कि आम आदमी पार्टी की “रोजगार दो-सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा 16 मई से 20 मई तक मेरठ से गाजियाबाद तक निकाली जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे पहले पार्टी ने सदियों से संगम, अयोध्या से प्रयागराज, रामपुर से अमरोहा, मिर्जापुर से सारनाथ और आगरा से मथुरा तक पदयात्राएं निकाली हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जाति और धर्म के नाम पर भेदभाव बढ़ रहा है और बेरोजगार युवाओं पर लाठियां बरसाई जा रही हैं।
जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पानी की टंकियां “भ्रष्टाचार की टंकियां” बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि कासगंज में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 14 करोड़ रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी शुरू होने के मात्र पांच दिन बाद गिर गई और तीन लोग घायल हो गए। सीतापुर में 5 करोड़ 31 लाख रुपये की लागत से बनी टंकी मलबे में तब्दील हो गई। मथुरा में तीन साल पहले बनी टंकी गिरने से दो लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हुए।