दुर्घटनास्थल का एक दृश्य।
- फोटो : amar ujala
डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल के मुताबिक बस हादसे में मरने वालों में तीन बच्चों के अलावा एक महिला और एक पुरुष शामिल हैं। मरने वालों की पहचान नहीं हो सकी है। शवों की शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है। शिनाख्त के बाद परिजनों को घटना की जानकारी दी जाएगी।
पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर बस पलटी।
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बस पलटने के बाद नींद से जागा चालक फौरन बाहर निकला। घायलों की मदद करने के बजाय वह मौके से भाग गया। पुलिस ने चालक के बारे में पता लगाने के लिए बस के मालिक से संपर्क किया है। आरोपी चालक के मोबाइल नंबर के जरिये उसकी तलाश की जा रही है।
मौके पर पहुंचे अफसर, घायलों का लिया हाल
पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सिंह सेंगर, जिलाधिकारी विशाख जी, परिवहन विभाग और यूपीडा के अफसर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने हादसे की वजह पता लगाने के निर्देश दिए। अफसरों ने एपेक्स ट्रॉमा-2 जाकर घायलों का हाल भी लिया। शासन ने घायलों के उचित इलाज के निर्देश दिए हैं। सीएमओ ने भी अस्पताल पहुंचकर इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया।
बिहार के रहने वाले रूपेश, प्रभात, रोहित, रंजय कुमार, रमन कुमार, फरमान, रेनू देवी, सितारा देवी, पानीपत से बिहार जा रहे गौरव कुमार, ओमकार सिंह, रवींद्र कुमार, रघुनंदन, ऋषभदेव और राजू को हाथ में चोटें आई हैं। इसके अलावा सुलेखा, पूनम, काव्या, संजू, गुंजा, सिद्धार्थ, अभिलाषा, शिव कुमार, प्रमोद, रवींद्र कुमार, जितेंद्र सिंह, रेणु देवी, राजेंद्र कुमार, राजकुमारी, हरियाणा के राजा कुमार, नेपाल के परशुराम और विमल भी घायल हैं।
बस के सभी कागजात थे पूरे
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना की शिकार हुई डबलडेकर बस संख्या एचएआर 55 एएफ 1323 गुरुग्राम (हरियाणा) में पंजीकृत थी। भारत स्टेज चार श्रेणी की यह बस छह साल आठ माह पुरानी थी जिसका पंजीकरण 3 जून 2019 को हुआ था। इसकी फिटनेस 27 अगस्त 2027 को पूरी हो रही है। बस का टैक्स इस वर्ष 28 फरवरी तक वैध है, जबकि इंश्योरेंस 27 अगस्त तक मान्य है। परमिट 3 जून 2029 तक तथा पॉल्यूशन पीयूसीसी 11 फरवरी 2027 तक मान्य है। आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय ने बताया कि कागजातों के लिहाज से बस पूरी तरह फिट थी। परमिट, इंश्योरेंस, टैक्स, पॉल्यूशन आदि पूरे थे।