प्रदेश के 16 जिलों में 40 फीसदी से कम बारिश हुई है। इसमें आठ जिले पूर्वांचल के हैं। इन जिलों को करीब- करीब सूखे के करीब माना जा रहा है। 31 जुलाई तक औसत बारिश के करीब नहीं पहुंचे तो इन्हें सूखे के दायरे में लाने की कवायद शुरू हो सकती है। इसमें देवरिया सबसे पीछे हैं।
कई जिलों में अच्छी बारिश
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मानसून की सक्रियता कमजोर है। इसके पीछे कई अलग- अलग कारण हैं। कहीं नमी ज्यादा है तो कहीं हवाओं का रूख तेज है। जिन जिलों में 40 फीसदी से कम बारिश है, वहां स्थिति सामान्य हो पाएगी, इस पर संशय है। हालांकि अन्य जिलों में पर्याप्त बारिश हुई है। - डा. अमर नाथ मिश्र, मौसम विज्ञानी।
जहां बारिश कम हुई है, वहां किसानों को राहत दिलाने के लिए विभाग निरंतर प्रयास कर रहा है। कम बारिश वाली फसरों जैसे बाजरा बीज पर अनुदान की व्यवस्था की गई है। नहर विभाग के अधिकारियों को निरंतर पानी आपूर्ति करने और ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को भरपूर आपूर्ति देने का निर्देश दिया गया है। 31 जुलाई तक इंतजार करते हैं। फिर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
- सूर्य प्रताप शाही, कृषि मंत्री