कंपनियों में हुए लेन-देन को भी खंगाला जा रहा
ईडी वर्ष 2007 में एमएलसी बनने से पहले और उसके बाद के वर्षों में राणा की आय, निवेश और अर्जित चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा जुटा रही है। उनके करीबी परिजनों के बैंक खातों और संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। साथ ही उनके कारोबार और कंपनियों में हुए लेन-देन को भी खंगाला जा रहा है।
राणा एक मीडिया हाउस का संचालन भी करते हैं, जहां ईडी ने हाल में छापा मारा था। ईडी जल्द ही शाहनवाज राणा को पूछताछ के लिए समन भेज सकती है। फर्जी आईटीसी मामले में पूछताछ के बाद उनका बयान दर्ज किया जाएगा। जांच में सहयोग नहीं करने पर गिरफ्तारी की कार्रवाई भी संभव है।
ईडी को मिले संपत्तियों के सुराग
छापे के दौरान ईडी को राणा और उनके परिजनों के पास करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्तियां होने के सुराग मिले हैं। जांच में शेल कंपनियों के जरिये रकम डायवर्ट कर नकदी निकालने की पुष्टि होने की बात भी सामने आई है। अब ईडी संबंधित बैंकों से सभी खातों के लेन-देन का ब्योरा हासिल कर उसका मिलान वर्षों से दाखिल आईटीआर से करेगी।
आय और संपत्तियों में अनियमितता मिलने पर नया डीए केस दर्ज किया जा सकता है। ईडी जल्द ही शाहनवाज राणा को पूछताछ के लिए समन भेज सकती है। फर्जी आईटीसी मामले में पूछताछ के बाद उनका बयान दर्ज किया जाएगा। जांच में सहयोग नहीं करने पर गिरफ्तारी की कार्रवाई भी संभव है।