जिलाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के बीच का चल रहा गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। एसीएमओ के इस्तीफे के बाद इस मामले में अब तक 16 सीएचसी अधीक्षकों समेत 19 डॉक्टरों अपना इस्तीफा सीएमओ को सौंप दिया है। जिले के चिकित्सक डीएम की मनमानी अभद्र व्यवहार से नाराज हैं। पीएमएस (प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ) के पदाधिकारियों ने दावा किया है कि जल्दी जिले के सभी सरकारी डॉक्टर अपने पदों से इस्तीफा देंगे।
पीएमएस पदाधिकारियों ने बताया कि समीक्षा बैठक में डीएम के अभद्र व्यवहार से नाराज अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एपी सिंह ने बुधवार को इस्तीफा दे दिया था। इसकी जानकारी के बाद बुधवार देर रात तक 16 सीएचसी अधीक्षकों ने भी डॉ. सिंह के साथ हुए दुर्व्यवहार पर रोष जताते हुए सामूहिक इस्तीफा सीएमओ को भेज दिया। इसके बाद गुरुवार को भी तीन और स्वास्थ्य अधिकारियों इस्तीफा दे दिया।
पीएमएस जिला इकाई के अध्यक्ष डॉ टीपी जायसवाल का दावा है कि पीएमएस के समर्थन में जिले के सभी डॉक्टर व फार्मासिस्ट जल्दी सामूहिक इस्तीफा देंगे। दूसरी तरफ निजी चिकित्सकों के संगठन आईएमए समेत स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े एक दर्जन से अधिक अन्य संगठनों ने भी जिलाधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। डॉक्टर रोज दो घंटे काली पट्टी बांध कर ओपीडी में काम करेंगे।
भ्रष्ट आचरण से ध्यान भटकाने की साजिश
स्वास्थ्य विभाग में बीते सालों में करोड़ों की अनियमितता हुई है। इसकी रोकथाम व आरोपियों की धरपकड़ को लेकर प्रशासन जीरो टालरेंस नीति के तहत कार्यवाही कर रहा है। इसी कारण भ्रष्ट आचरण से ध्यान भटकाने को लेकर कुछ लोग मामूली बात को तूल देकर डॉक्टरों को भड़काने का काम कर रहे हैं। डीएम स्तर पर हर विभाग की बैठक होती है, किसी अन्य विभाग से कभी भी कोई ऐसी बात सामने नहीं आयी। स्वास्थ्य विभाग को बेहतर बनाने के लिए सख्ती से कार्य करने में प्रशासन जुटा है।
मार्कंडेय शाही, जिलाधिकारी