शासन ने निजी क्षेत्र के संस्थानों में प्रवेश लेने वालों पर कई नए नियम लागू किए हैं। इसके तहत हाईस्कूल पास करने के छह साल के भीतर आईटीआई में प्रवेश लेने पर ही छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई की सुविधा का लाभ मिलेगा। इस नियम को इसी सत्र से लागू कर दिया गया है।
यह नियम उन आईटीआई पाठ्यक्रमों के लिए लागू होगा, जिनमें न्यूनतम योग्यता हाईस्कूल है। निजी क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों व विश्वविद्यालयों में संचालित ऐसे मान्यता प्राप्त प्रोफेशनल पाठ्यक्रम जिनमें प्रवेश के लिए न्यूनतम योग्यता स्नातक है, उनमें स्नातक पाठ्यक्रम में न्यूनतम 50 प्रतिशत या उससे अधिक अंक पाने वाले ही योजना का लाभ लेने के हकदार होंगे। बशर्ते उन्होंने किसी प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश लिया हो।
सभी जिला समाज कल्याण अधिकारियों और संस्थानों को इस बारे में जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं। कहा गया है कि छात्र का डाटा अग्रसारित करने से पहले इन मानकों की जांच जरूर कर लें। किसी भी छात्र को नियमविरुद्ध ढंग से भुगतान पाए जाने पर उनकी भी जवाबदेही तय होगी।