मुरादाबाद में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन ने जीएसटी चोरी के मामले में जुल्फकार को गिरफ्तार किया है। जांच में फर्जी फर्म बनाकर कारोबार दिखाने, नकली बिल उपलब्ध कराने और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने की बात सामने आई। आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर कमीशन के लिए यह पूरा फर्जीवाड़ा करता था।
यूपी पुलिस के आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) के मेरठ सेक्टर की टीम ने 1.60 करोड़ रुपये की जीएसटी की चोरी करने वाले आरोपी को मंगलवार को मुरादाबाद से गिरफ्तार कर लिया। वह थाना मुरादाबाद के भोजपुर के भोजपुर थाने में इस मामले में दर्ज मुकदमे में वांछित चल रहा था।
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डीजी ईओडब्ल्यू जेएन सिंह ने बताया कि वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत वांछित चल रहे आरोपी जुल्फकार को पकड़ा गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में जीएसटी कॉमन पोर्टल पर मुरादाबाद की जीएस इंटरनेशनल की दिल्ली निवासी पूनम आयरन एंड स्टील की खरीद-बिक्री के कारोबार के लिए फर्म का पंजीयन कराया गया था। जीएसटी की विशेष अनुसंधान शाखा की मुरादाबाद इकाई-बी की जांच में इस नाम से कोई फर्म संचालित होती नहीं पाई गई।
जिसके संबंध में भारत सरकार व यूपी सरकार को 1,67,77,904 रुपये की जीएसटी चोरी की एफआईआर तत्कालीन वाणिज्य कर अधिकारी दीपक मेहरोत्रा ने दर्ज कराई थी। बाद में इसकी विवेचना ईओडब्ल्यू को स्थानांतरित हो गई थी। ईओडब्ल्यू की जांच में पता चला कि जुल्फकार ने अपने साथियों के साथ मिलकरजीएस इंटरनेशनल फर्म खोली थी और भोजपुर स्थित कई फर्मों से सस्ती बैटरी का लेड के व्यापार हेतु खरीद दशाई। वह कमीशन के लिए फर्जी बिल उपलब्ध कराता था जिससे राज्य सरकार को राजस्व की क्षति हुई।