डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए 17 चिकित्साधिकारियों को बर्खास्त किया है। ड्यूटी से गायब रहने, मरीजों से अभद्रता और आदेशों की अवहेलना पर कार्रवाई की गई है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए 17 चिकित्साधिकारियों को बर्खास्त किया है। ड्यूटी से गायब रहने, मरीजों से अभद्रता और आदेशों की अवहेलना पर कार्रवाई की गई है।
प्रदेश में लंबे समय से बिना सूचना के गायब चल रहे 17 डॉक्टरों को बर्खास्त करने के आदेश दिए गए हैं। यह आदेश उप मुख्मयंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष को दिया है। स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न जिला एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात किए गए 17 डॉक्टर अनुपस्थित चल रहे हैं। इन्हें कार्यभार ग्रहण करने के लिए नोटिस भी दिया गया, लेकिन उन्होंने कोई मुकम्मल जवाब नहीं दिया। ऐसे में इन्हें बर्खास्त करने का आदेश दिया गया है।
मरीजों से अभद्रता के आरोप में चार डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। शिकायत के बाद चारों आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ जांच कराई गई। इसके बाद चारों डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश अपर मुख्य सचिव को दिए गए हैं। इनमें लखनऊ के रामसागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय की डॉ. नेहा सिंह (सेठिया), महराजगंज जिला संयुक्त चिकित्सालय की डॉ. शालिनी वर्मा, मथुरा फरह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की डॉ. अंजलि वर्मन और यहीं के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राम गोपाल शामिल हैं।
कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से जालौन राजकीय मेडिकल कॉलेज में स्थानान्तरण के बावजूद कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले जनरल सर्जरी विभाग के आचार्य डॉ. गजेन्द्र सिंह के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।