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UP: रोब्लॉक्स समेत ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर रोक की मांग, हाईकोर्ट ने केंद्र और प्रदेश से मांगा जवाब

Sat, 11 Jul 2026 07:29 AM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर रोक लगाने की मांग वाली जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय ने केंद्र और राज्य सरकार सहित संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। याचिका में बच्चों की मानसिक सुरक्षा, साइबर जोखिम और जागरूकता अभियान की मांग के साथ विशेषज्ञ समिति गठित करने का भी आग्रह किया गया है।
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lawyer advocate and court - फोटो : AI
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने नाबालिगों पर ऑनलाइन गेमिंग के बढ़ते प्रभाव को गंभीर मानते हुए रोब्लॉक्स समेत अन्य गेमिंग प्लेटफॉर्म पर रोक लगाने की मांग वाली जनहित याचिका पर केंद्र व राज्य सरकार सहित संबंधित पक्षों से जवाब तलब किया है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने स्थानीय अधिवक्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी विपक्षी पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

पढ़िए याचिकार्ता की मांग

याचिका में कहा गया है कि रोब्लॉक्स जैसे ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, व्यवहार और साइबर सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे हैं। केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों को नाबालिगों की ऐसे प्लेटफॉर्म तक पहुंच नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने का निर्देश देने की मांग की गई है। 

विशेषज्ञ समिति गठित करने का भी आग्रह

न्यायालय ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, भारत ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा रोब्लॉक्स इंडिया सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी किया है।

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याचिका में बाल मनोवैज्ञानिकों, साइबर सुरक्षा व एआई विशेषज्ञों तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों की विशेषज्ञ समिति गठित करने का भी आग्रह किया गया है।

समिति ऑनलाइन गेमिंग के मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और सुरक्षा संबंधी प्रभावों का अध्ययन कर सरकार को सुरक्षा उपाय सुझाएगी।  साथ ही स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में जागरूकता अभियान, कार्यशालाएं और सेमिनार आयोजित कर बच्चों, अभिभावकों व शिक्षकों को ऑनलाइन गेमिंग के संभावित खतरों के प्रति जागरूक करने की भी मांग की गई है।
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