राम मंदिर चंदे पर विवाद।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने रिपोर्ट तलब की
राम मंदिर में दान राशि के कथित गबन के आरोप का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मंदिर की व्यवस्था और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर मंथन शुरू हो गया है। सूत्रों के अनुसार, मामले में जांच प्रक्रिया के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तलब की है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर मंदिर प्रबंधन और व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।
जांच के दायरे में आए कुछ कर्मचारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठने के बाद उनकी सेवाएं समाप्त करने अथवा उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से हटाने पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अलावा मंदिर परिसर में कार्यरत कई कर्मचारियों के दायित्वों में भी बदलाव किया जा सकता है, ताकि व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह तथा पारदर्शी बनाया जा सके।
गबन के डेढ़ करोड़ बरामद होने की चर्चा
बुधवार को कथित तौर पर गबन हुई डेढ़ करोड़ की राशि के बरामद होने की बात सामने आई। संदिग्धों से पूछताछ, उनके बैंक डिटेल आदि की जांच का क्रम जारी होने की चर्चा भी जोरों पर रही है। गबन के मामले में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर ने कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया। माना जा रहा है कि दान के पैसों की गिनती में लगे बैंक कर्मियों की भी जांच हो रही है। फिलहाल पूरे मामले में राम मंदिर ट्रस्ट ने चुप्पी साध रखी है।
राम मंदिर चंदा गबन विवाद।
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पूर्व लेखा प्रभारी के दावों ने भी दी मामले को हवा
राम मंदिर में पूर्व लेखा प्रभारी रहे महिपाल सिंह के दावों ने भी पूरे मामले को हवा देने का काम किया है। शल मीडिया पर उनके बयानों का वीडियो वायरल हो रहा है। महिपाल सिंह का दावा है कि राम मंदिर की दान राशि में चोरी लंबे समय से होती आ रही है। नोटों की गड्डियों में हेराफेरी कर पैसे की चोरी की जाती थी। उन्होंने व्यवस्था से जुड़े कुछ वरिष्ठ लोगों के नाम भी लिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस मामले पर शिकायत करने पर उन्हें हटा दिया गया था।