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यूपी: सीएम योगी के खिलाफ दायर किया मानहानि का परिवाद, मछली खाने के आरोप से आहत अजय राय पहुंचे सिविल कोर्ट

Tue, 01 Sep 2026 04:32 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ

सार

अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आलोक वर्मा की कोर्ट में दाखिल किए गए परिवाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की गई है। परिवाद में कहा गया है कि सीएम योगी ने बिना तथ्यों की पुष्टि के रायबरेली की जनसभा में इस पर बयान दे दिया।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कोर्ट में मानहानि का परिवाद दाखिल किया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आलोक वर्मा की कोर्ट में दाखिल किए गए इस परिवाद में मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की गई है।

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कोर्ट में अजय राय के अधिवक्ता संजीव पांडेय ने परिवाद दाखिल करके बताया कि 23 अगस्त को अयोध्या में कांग्रेस नेता राम निहाल निषाद ने निषाद समाज का एक कार्यक्रम और जनसभा आयोजित की थी। अजय राय को उस सभा को संबोधित करने के लिए बुलाया गया था। कार्यक्रम के बाद निषाद समाज की परंपरा अनुसार वहां मत्स्य भोज का आयोजन किया गया था। कहा गया कि परिवादी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष होने के कारण जैसे ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, मीडिया ने उनकी फोटो खींची और बाद में निषाद समाज के लोगों द्वारा मछली खाते हुए फोटो भी मीडिया में प्रसारित हुई।

परिवाद में आरोप लगाकर कहा गया कि इसी फोटो के आधार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना वास्तविकता जाने 24 अगस्त को रायबरेली में आयोजित एक जनसभा में परिवादी के खिलाफ भ्रामक बयान देते हुए कहा की कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष का आचरण देखा होगा हनुमान गढ़ी में दर्शन करने जाते हैं और बाहर जाकर मछली का दावत उड़ाते हैं, राम-राम चिल्लाते हैं, बेशर्मी की भी सीमा होती है, जो वहां मंदिर में राम-राम चिल्ला रहे हैं, बजरंगबली के सामने दंडवत होने का ढोंग कर रहे हैं लेकिन बाहर जाकर के मछली की दावत उड़ाते हैं।

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परिवाद में कहा गया कि उक्त जनसभा का वीडियो मुख्यमंत्री के आधिकारिक/ व्यक्तिगत एक्स अकाउंट से भी 24 अगस्त को जारी किया गया, जिसे लगभग 2 लाख 75 हजार लोगों ने देखा और साझा किया। परिवाद में बताया गया कि परिवादी सनातन धर्म में आस्था रखने वाला व्यक्ति है और उनका मांस-मछली से कभी कोई नाता नहीं रहा है।

इसके बावजूद बिना किसी प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्य के सुनी-सुनाई बातों के आधार पर परिवादी की सामाजिक, पारिवारिक और राजनीतिक छवि को धूमिल किया गया। इस खबर को समाचार पत्रों, न्यूज चैनलों और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने से लाखों-करोड़ों लोगों के बीच परिवादी की मानहानि हुई है। परिवादी को समाज से बहिष्कृत करने तक की बातें कही जा रही हैं, जिससे परिवादी को मानसिक व सामाजिक आघात पहुंचा है।
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