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UP: कॉल पर साइबर ठग बोले- चार आतंकी पकड़े गए, जिन्होंने आपका नाम लिया, फिर दंपती से वसूले 1.29 करोड़ रुपये

Fri, 17 Apr 2026 10:17 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ में साइबर ठगों ने बुजुर्ग दंपती को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 1.29 करोड़ रुपये ठग लिए। आतंकवाद और हवाला मामले में फंसाने की धमकी देकर रकम वसूली गई। पीड़ित कैंसर मरीज हैं। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : AI
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विस्तार
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लखनऊ में बुजुर्ग दंपती को डिजिटल अरेस्ट कर साइबर अपराधियों ने एक करोड़ 29 लाख रुपये वसूल लिए। गोमतीनगर के खरगापुर मे रहने वाले कैंसर पीड़ित दिलीप नारायण पांडेय ने साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर साइबर थाना ब्रजेश कुमार के मुताबिक, केस दर्ज कर आरोपियों के बैंक खाते खंगाले जा रहे हैं।

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गोरखपुर स्थित गन्ना फैक्ट्री से सेवानिवृत्त अधिकारी दिलीप नारायण के मुताबिक, 27 मार्च की रात में उनकी पत्नी आराधना के मोबाइल पर अंजान नंबर से कॉल आई थी। फोन करने वाले ने चार आतंकवादियो की फोटो भेजी। 

ठगों ने कहा कि चार आतंकी पकड़े गए हैं, जिन्होंने पूछताछ में आपका नाम लिया है। चारों ने बताया है कि आपने अपने आधार नंबर का दुरुपयोग करके मुंबई से सिम निकलवाया और खाता खोलकर हवाला के माध्यम से रुपये का लेन देन किया। 

 

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आपने आतंकियों की हेल्प की है

आपने आतंकियों की मदद की। पीड़ित ने बताया कि वह और उनकी पत्नी कभी मुंबई गए ही नहीं हैं। इसपर साइबर अपराधियों ने एटीएस आदि की वर्दी पहनकर वीडियो कॉल किया। इसके बाद खुद को सीबीआई, क्राइम ब्रांच और अन्य विभागों के अफसर बताकर बात करते रहे। 

ठगों ने दंपती पर राष्ट्रद्रोह जैसे गंभीर आरोप लगाए और किसी से भी संपर्क करने से मना कर दिया। जेल भेजने की धमकी देकर हर रोज फोन पर बात करते रहे। यही नहीं, सुबह शाम गुड मार्निंग और गुड नाइट का मेसेज भेजने का भी दबाव बनाया। 

ठगों ने हवाला जांच के नाम पर धमका कर दंपती के संयुक्त और व्यक्तिगत खाते से चार अप्रैल से 10 अप्रैल के बीच चार बार में एक करोड़ 29 लाख रुपये वसूल लिए। जालसाजों ने कहा कि जांच के बाद रकम वापस कर दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

 

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मकान बेचकर जमा की थी रकम

पीड़ित का कहना है कि उन्होंने हरदोई स्थित अपना मकान बेचकर रकम जमा किया था। दिलीप नारायण ने बताया कि उनकी उम्र 75 वर्ष है और वह कैंसर के मरीज हैं। जालसाजों ने उनके इलाज तक का पैसा नहीं छोडा। ठगी से पीड़ित बहुत परेशान हैं। 

पीड़ित ने पुलिस से ठगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साइबर अपराधियों ने सुप्रीम कोर्ट दिल्ली का लोगो लगाकर एक जाली आरोप पत्र भी फोन पर भेजा था, जिसे बाद में डीलिट कर दिया था। खुद को एटीएस का इंस्पेक्टर बताने वाले विजय खन्ना ने अलग अलग नंबर से फोन किया था। पीड़ित ने पुलिस को सारे नंबर उपलब्ध कराए हैं।
 
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