लॉकडाउन में साइबर अपराध की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। इनमें पीएम रिलीफ फंड के यूपीआई आईडी से मिलती-जुलती आईडी बनाकर लोगों को चूना लगाने की शिकायतें सर्वाधिक हैं। पुलिस मुख्यालय की साइबर अपराध शाखा के पुलिस अधीक्षक रोहन पी कनय इस तरह की धोखाधड़ी को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों से सचेत रहने की अपील कर चुके हैं। वहीं, आगरा परिक्षेत्र के आईजी सतीश गणेश व वाराणसी पुलिस ने भी सचेत रहने की अपील जारी की है। वहीं, पुलिस मुख्यालय इसका डाटा जुटा रहा है और मंडलों व जिलों की साइबर अपराध शाखाओं को सक्रिय कर दिया गया है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने लोन पर ली जानी वाली ईएमआई को तीन महीने के लिए ऐच्छिक कर दिया है। यानी अगर आप ईएमआई नहीं देना चाहते हैं तो उसे स्थगित कर सकते हैं। साइबर अपराधी इसी आदेश का लाभ उठाते हुए लोगों को भ्रामक कॉल कर ईएमआई में राहत के नाम पर झांसा देकर ठगी कर रहे हैं। यही नहीं, वे राशन पोर्टल पर पंजीकरण के नाम पर भ्रामक कॉल करके भी लोगों को ठग रहे हैं। इसके अलावा ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनियों के प्रयोगकर्ता को कॉल कर प्रोमोकोड/रिवॉर्ड पाइंट को नकदी में बदलने के नाम पर लिंक भेजकर धोखाधड़ी किए जाने की शिकायतें भी पुलिस के पास पहुंच रही हैं। साथ ही, साइबर अपराधी फेसबुक हैक कर कई लोगों को चूना लगा चुके हैं।
भ्रामक कॉल के जरिये रिलीफ फंड के नाम पर ठगी
केंद्र व राज्य सरकार किसानों व दिहाड़ी मजदूरों के खाते में मदद के लिए पैसे भेज रही है। मगर, साइबर अपराधी किसानों व मजदूरों को भ्रामक कॉल कर उनका विवरण लेकर उनके खाते से विभिन्न खातों में रकम ऑनलाइन ट्रांसफर करने में लग गए हैं।