उत्तर प्रदेश के सर्वोदय विद्यालयों में उप प्रधानाचार्य के 93 पद सृजित किए गए हैं। पहले की गई गलत पदोन्नतियां रद्द कर नई व्यवस्था लागू की गई है। अब प्रवक्ता पहले उप प्रधानाचार्य और फिर प्रधानाचार्य बनेंगे। इससे पदोन्नति प्रक्रिया पारदर्शी होगी और शिक्षकों को नियम अनुसार अवसर मिलेगा।
समाज कल्याण विभाग के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में उप प्रधानाचार्य के 93 पदों का सृजन किया गया है। अब प्रवक्ताओं की पहले उप प्रधानाचार्य पद पर और फिर प्रधानाचार्य के पद पर प्रोन्नति की जाएगी। प्रवक्ता से सीधे प्रधानाचार्य पद पर गलत ढंग से की गई प्रोन्नति को निरस्त किए जाने के बाद यह निर्णय गया है।
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इन विद्यालयों में 4800 रुपये पे ग्रेड पर कार्यरत प्रवक्ताओं को सीधे 7600 रुपये पे ग्रेड पर पदोन्नति दी गई थी। उप्र समाज कल्याण राजपत्रित अधिकारी सेवा (प्रथम संशोधन) नियमावली का उल्लंघन कर किया गया था। अब संशोधन कर उप प्रधानाचार्य का पद सृजित किया गया है। उप निदेशक जे.राम पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
नए आदेशों के तहत यूपी में 93 सर्वोदय विद्यालयों में उप प्रधानाचार्य के एक-एक पद का सृजन किया गया है। उप प्रधानाचार्यों के कुल 93 पदों का सृजन किए जाने को वित्त विभाग ने अनुमति दे दी है। पुनरीक्षित पे मैट्रिक्स लेवल-10 पर 56100-177500 रुपये वेतनमान निर्धारित किया गया है।
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समाज कल्याण विभाग के विशेष सचिव राजेन्द्र सिंह की ओर से पद सृजन का आदेश जारी कर दिया गया है। अब समाज कल्याण विभाग प्रवक्ताओं की नए सिरे से प्रोन्नति करेगा। प्रवक्ता के पद पर 10 वर्ष की सेवा के बाद उप प्रधानाचार्य के पद पर प्रोन्नति मिलेगी। प्रवक्ता के 22 साल की सेवा पूरी होने पर उसे प्रधानाचार्य के पद पर प्रोन्नति दी जाएगी।