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धर्मांतरण मामला: यूपी एटीएस को मिली मौलाना उमर गौतम और जहांगीर कासमी की सात दिन की रिमांड

Tue, 22 Jun 2021 08:21 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

एटीएस दोनों आरोपियो को 23 जून की सुबह 11 बजे से 30 जून की सुबह 11 बजे तक रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकेगी।
 
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मुफ्ती जहांगीर आलम और उमर गौतम - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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गरीब, असहाय व मजबूर लोगों को प्रलोभन और धोखा देकर हजारों लोगों का धर्मांतरण कराने वाले दोनों आरोपियों की रिमांड यूपी एटीएस को मिल गई है। उत्तर प्रदेश एटीएस ने सोमवार को मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी को गिरफ्तार किया था।
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एटीएस के प्रभारी विशेष एसीजेएम  ने दोनों को 7 दिन के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिए जाने का आदेश दिया है। एटीएस दोनों आरोपियो को 23 जून की सुबह 11 बजे से 30 जून की सुबह 11 बजे तक रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकेगी।

हालांकि एसटीएफ ने दोनों आरोपियों की 10 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी थी। एसटीएफ ने कहा था कि यह एक बहुत बड़ा रैकेट है इसकी तह तक जाना बहुत ही जरूरी है। 
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एसटीएफ ने कहा कि आरोपियों के पास से पासपोर्ट, मोहर, साहित्य, धर्म और नाम बदलने वाले पुरुष, महिला व बच्चों की सूची, मोबाइल, लाइसेंस, पहचान पत्र, आधार, पैन, मैरिज सर्टिफिकेट और कंवर्जन रजिस्टर बरामद हुए हैं। 
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आरोपी देश विरोधी संस्थाओं के निर्देश पर लोगों का धर्म परिवर्तन करके जनसंख्या संतुलन को बदलने के साथ ही उनको अपने मूल धर्म के विरुद्ध करके वैमनस्यता फैला रहे है।

एसटीएफ ने कहा कि आरोपियों को रिमांड पर लेकर मोबाइल डेटा, जिन लोगों का धर्मांतरण कराया गया, आईडीसी, बैंक खाते की जानकारी करनी है साथ ही पूरे रैकेट के विषय में विस्तृत जानकारी भी जुटानी है। 

कोर्ट में एटीएस ने बताया कि प्रदेश में विभिन्न धर्मों के लोगों का प्रलोभन और धोखा देकर धर्मांतरण कराए जाने के आरोपों को लेकर दोनों आरोपियों को एटीएस द्वारा गिरफ्तार किया गया था। 

आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने धोखाधड़ी करते हुए एक षड्यंत्र के तहत दो समुदायों में वैमनस्यता पैदा करने एवं धार्मिक उन्माद के अलावा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम का अपराध किया है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपियों को रिमांड पर दिए जाने का आदेश दिया।
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