पाॅवर काॅर्पोरेशन प्रबंधन ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि नए कनेक्शन देने में विद्युत प्रदाय संहिता-2005 के तहत मीटर का शुल्क कास्ट डाटा बुक के अनुसार जमा कराना अनिवार्य है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर के शुल्क निर्धारण के लिए नियामक आयोग में पहले से ही प्रस्ताव दाखिल किया गया है। वर्तमान में वर्ष 2019 में अनुमोदित कास्ट डाटा बुक लागू है। उसमें प्रीपेड मीटर की दर 6016 है। पूर्व के प्रीपेड मीटर में संचार की व्यवस्था नहीं थी। वर्तमान के स्मार्ट प्रीपेड मीटर संचार के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। देश के अन्य राज्यों में भी नए कनेक्शन पर शुल्क लिया जा रहा है।
प्रबंधन की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि असम में सिंगल फेज मीटर की कीमत 6490 रुपये, हरियाणा में 8415 रुपये और महाराष्ट्र में 5210 रुपये निर्धारित है। उपभोक्ताओं को यह शुल्क किस्त में देने की भी व्यवस्था है। पिछले दिनों स्मार्ट प्रीपेड मीटर के संबंध में विद्युत नियामक आयोग की ओर से जारी नोटिस का जवाब भी दिया जा रहा है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर कुछ संगठन गलत बयान जारी कर रहे हैं। इससे उपभोक्ता भ्रमित न हों। उन्होंने कहा कि कार्पोरेशन द्वारा पुराने कनेक्शन को स्मार्ट प्रीपेड मीटर में बदलने का कार्य भारत सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत निशुल्क किया जा रहा है। जिस पर उपभोक्ता से कोई भी शुल्क नहीं लिया जा रहा है।