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यूपी: लखनऊ में पकड़ी गई नकली आक्सीटोसिन की खेप, एसटीएफ की टीम ने देर रात की धरपकड़, छापे में मिला ये सामान

Fri, 31 Jan 2025 06:52 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

fake oxytocin: इस पूरे कारोबार में अलग- अलग टीमें लगी हैं। एक टीम गैलन में आक्सीटोसिन लिक्विड दिल्ली से ले आती है। फिर उसमें फिनायल, सिरका और पानी मिलाया जाता है। 
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oxytocin injection - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश में नकली आक्सीटोसिन का कारोबार दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार देर रात एसटीएफ और एफएसडीए की संयुक्त टीम ने लखनऊ के मदेयगंज थाना क्षेत्र में बड़ी मात्रा में नकली आक्सीटोसिन पकड़ा है। यह लखनऊ के ग्रामीण इलाके के साथ ही आसपास के जिलों में भी भेजी जाती थी। पकड़े गए आरोपियों में दो के खिलाफ पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। टीम पकड़े गए माल का आकलन और आरोपियों से पूछताछ में जुटी है।

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सूत्रों की मानें तो मुखबिर की सूचना पर बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे एसटीएफ और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने मदेयगंज थाना क्षेत्र के एक नव निर्मित मकान में छापा मारा। यहां गैलन में आक्सीटोसिन भरा हुआ मिला। एक कमरे में छोटी शीशियां मिलीं, जिनमें भरकर इसे बाजार में उतारा जा रहा था। मौके पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिसमें दो युवक पहले भी आक्सीटोसिन इंजेक्शन तैयार करने के आरोप में जेल भेजे जा चुके हैं। 

सूत्रों का कहना है कि इस पूरे कारोबार में अलग- अलग टीमें लगी हैं। एक टीम गैलन में आक्सीटोसिन लिक्विड दिल्ली से ले आती है। फिर उसमें फिनायल, सिरका और पानी मिलाया जाता है। इस मिश्रण को छोटी शीशी में भरा जाता है। इस पूरी प्रक्रिया को दूसरी टीम पूरा करती है, जबकि तीसरी टीम बाजार का काम देखती है। सूत्रों का कहना है कि लखनऊ में तैयार होने वाला यह आक्सीटोसिन सीतापुर, रायबरेली, उन्नाव, हरदोई ही नहीं बल्कि गोरखपुर और महराजगंज तक भेजा जाता है। 
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महराजगंज के रास्ते इसे दूसरे राज्यों में भी आपूर्ति किया जाता है। फिलहाल एसटीएफ और एफएसडीए की टीम हिरासत में लिए गए लोगों से लिक्विड बेचने वाले दुकानों और जहां- जहां तैयार नकली माल भेजा जाता है, उनका ब्यौरा जुटा रही है। इस आधार पर संबंधित जिलों की दुकनों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। मौके पर मिली तैयार और लिक्विड इंजेक्शन का भी आकलन किया जा रहा है। पकड़े गए लोगों का कहना है कि इस इंजेक्शन का प्रयोग जानवरों में दूध निकालने और सब्जियों में किया जाता है। इससे सब्जियां जल्दी तैयार हो जाती हैं। कुछ पोल्टी फार्म भी इसका प्रयोग करते हैं।

ठाकुरगंज में हो चुकी है कार्रवाई

लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में माहभर पहले 39 लाख की आक्सीटोसिन इंजेक्शन बरामद हुए थे। एसटीएफ और एफएसडीए की टीम ने दो युवकों को पकड़ा था, जो घर में आक्सीटोसिन की इंजेक्शन तैयार करते थे। छापे के दौरान करीब दो लाख एमएल आक्सीटोसिन बरामद हुआ था। इससे पहले 16 नवंबर को चारबाग जीआरपी ने भी इस इंजेक्शन को बरामद किया था, जो बिहार से लाई गई थी। जबकि 16 अगस्त को लखनऊ में पकड़े गए दो युवकों को कब्जे से 1.37 करोड़ की आक्सीटोसिन बरामद हुई थी।
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