कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय व प्रभारी अविनाश पांडेय।
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कांग्रेस पंचायत चुनाव अकेले लड़ेगी। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। पार्टी हर विधानसभा क्षेत्र में दो जिला पंचायत सदस्यों को जीताने का लक्ष्य रखी है। इसके लिए सभी जिलाध्यक्षों को होमवर्क करने का निर्देश दिया गया है।
प्रदेश में छह लोकसभा सीट जीतने के बाद कांग्रेस उत्साहित है। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले पंचायत चुनाव हो रहा है। यह चुनाव पार्टी के सिंबल पर नहीं होता है। फिर भी कांग्रेस जीताऊ लोगों को अपना समर्थित उम्मीदवार घोषित करने की तैयारी में है। विधानसभा चुनाव में सपा से गठबंधन होना करीब- करीब तय है। ऐसे में पंचायत चुनाव में अपनी भागीदारी बढ़ाकर कांग्रेस सीट बंटवारे का समीकरण साधना चाहती है।
यही वजह है कि पार्टी हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम दो जिला पंचायत सदस्य अपने बनाने की कोशिश में है। इसके लिए जिला पंचायत सदस्य चुनाव लड़ने की तैयारी करने वाले चेहरों को पार्टी से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए जिलाध्यक्षों को भी निर्देशित किया गया है। जिला पंचायत चुनाव के लिए वार्डवार सियासी रणनीति बनाने के लिए भी कहा गया है।
इसके लिए विधानसभा चुनाव की त रह ही जातिगत समीकरण भी तैयार किए जाएंगे। फिर उसी हिसाब से जीताऊ प्रत्याशी को पार्टी खुद से जोड़ेगी। इसी तरह हर जिले की ब्लॉक प्रमुख की सीटों पर भी नजर रखी जा रही है। हर जिले में पार्टी पांच ब्लॉक प्रमुख बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले हो रहा पंचायत चुनाव कई मायने में अहम है। जीताऊ लोगों को समर्थित उम्मीदवार बनाया जाएगा। इसके लिए अभी से हर जिले में वार्डवार तैयारी की जा रही है। पार्टी के कार्यकर्ताओँ को भी निर्देशित किया गया है कि वे जिस वार्ड से जिला पंचायत अथवा क्षेत्र पंचायत का चुनाव लड़ना चाहते हैं, उसके बारे में जिलाध्यक्ष को अवगत करा दें।