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यूपी: अखिलेश के रायबरेली दौरे पर कांग्रेस ने दी प्रतिक्रिया, कहा- तो हम अब इटावा-कन्नौज जाएंगे; लग रहे कयास

Fri, 25 Sep 2026 08:42 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Akhilesh visit to Rae Bareli: अखिलेश यादव के रायबरेली दौरे पर भड़के कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने पलटवार कर कन्नौज-इटावा जाने की चेतावनी दी। इसके पहले प्रदेश प्रभारी ने कहा था कि इससे गठबंधन पर फर्क नहीं पड़ता। 
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राहुल गांधी और अखिलेश यादव - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के रयबरेली दौरे को लेकर कांग्रेस में खलबली मची है। बृहस्पतिवार को प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि इससे गठबंधन पर फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन अगले ही दिन प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बड़ा बयान दे दिया है। इसे सियासी तौर पर अहम माना जा रहा है।

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 अखिलेश यादव के रायबरेली दौरे पर भड़के कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने पलटवार कर कन्नौज-इटावा जाने की चेतावनी दी। कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि अखिलेश यादव रायबरेली और अमेठी जाएंगे, तो हम भी शांत नहीं बैठेंगे।  कांग्रेस के कार्यकर्ता कन्नौज, इटावा, मैनपुरी और सैफई जाकर अपनी सियासी जमीन मजबूत करेंगे।

उन्होंने अखिलेश के रायबरेली दौरे को सपा के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर लिया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान से साफ हो गया है कि गठबंधन के बावजूद यूपी में वर्चस्व की जंग अब खुलकर लड़ी जाएगी।। प्रदेशअधक्ष ने  स्पष्ट किया कि कांग्रेस आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश भर में अपने संगठन का विस्तार करेगी और राजनीतिक गतिविधियों को तेजी से आगे बढ़ाएगी। गांधी परिवार के पारंपरिक गढ़ माने जाने वाले रायबरेली-अमेठी में सपा की सेंधमारी की कोशिशों ने कांग्रेस को आक्रामक रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है।

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एक दिन पहले कहा था कि गठबंधन पर नहीं पड़ेगा फर्क

 समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की रायबरेली से निकली रथ यात्रा को लेकर कांग्रेस के कुछ नेता असहज हैं, लेकिन प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम इस शुभ मानते हैं। वह कहते हैं कि इससे गठबंधन पर फर्क नहीं पडगा। दोनों पार्टियों अपने-अपने संगठन मजबूत करेंगे तभी यूपी से भाजपा का सफाया होगा।

सपा सपा की रथ यात्रा रायबरेली से शुरू होने की सूचना जारी होते ही कांग्रेस के अंदर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई। पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता इसके सियासी निहितार्थ निकल रहे हैं। हालांकि कोई खुलकरबोलने को तैयार नहीं । पार्टी के नेताओं का तर्क है कि चुनावी रथ यात्रा की शरुआत रायबरेली से करने के अलग अर्थ निकले जाएंगे। यह शुरुआत सीधे-सीधे गठबंधन पर असर डाल सकता है।

 दूसरी तरफ पार्टी के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम इससे इनकार करते हैं। वह कहते हैं कि कांग्रेस भी हर जिले में अपने संगठन को मजबूत कर रही है। हम  हर जिलेमें  सम्मेलन कर रहे हैं । दोनों पार्टी के संगठन मजबूत होंगे तभी भाजपा का सफाया होगा। वह कहते हैं कि कहीं ना कहीं से सपा को शुरुआत करनी थी। उन्होंने रायबरेली चुना यह अच्छी बात है। इससे गठबंधन को ज्यादा मजबूती मिलेगी।
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