कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग द्वारा जनगणना में ओबीसी कॉलम जोड़ने और एससी-एसटी एक्ट की तरह ओबीसी एक्ट की मांग को लेकर सोमवार को जनभवन घेराव के लिए मार्च व प्रदर्शन किया। हालांकि इसे लेकर उनकी पुलिस से तीखी नोकझोक और धक्कामुक्की हुई। कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर ईको गार्डेन पहुंचा दिया गया।
मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता प्रदेश कार्यालय से निकले, थोड़ी दूर पर ही पुलिस ने बैरीकेड लगाकर कार्यकर्ताओं को रोक लिया। इसे लेकर काफी देर तक धक्का-मुक्की हुई लेकिन पुलिस ने कार्यकर्ताओं को आगे नहीं जाने दिया। कार्यकर्ता वहीं सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। मनोज यादव ने कहा कि
ओबीसी विभाग लगातार बिहार और तेलंगाना में हुए जातिगत जनगणना मॉडल पर ही देश भर में जनगणना को वैज्ञानिक तरीके से कराने की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि आरएसएस-बीजेपी अपने जन्म से ही ओबीसी विरोधी है। लोकसभा 2024 में हार के डर से ओबीसी की गिनती करने का वादा करने के बाद अब बीजेपी अपनी बात मुकर गई। उत्तर प्रदेश में सामंती व मनुवादी सोंच के लोगों द्वारा लगातार ओबीसी वर्ग के लोगों की हत्याओं बहुत दुःखद व दुर्भाग्यपूर्ण हैं। इसलिए समाज के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर गिरफ्तारी दी है।
यह संघर्ष आने वाले दिनों में ओबीसी वर्ग और तेज करेगा। प्रदर्शन में मुख्य रूप से कैलाश चौहान, देवेंद्र निषाद, जितेंद्र पटेल, संकल्प पटेल, डॉ. राजकुमार मौर्या, मोहसिन सलीम, बीएल वर्मा, राहुल राय प्रजापति, सुरेंद्र कुशवाहा, शंकर यादव, राजेश्वरी पटेल, मंजू मौर्य, राम गणेश प्रजापति, अजीत वर्मा, अभिमन्यु विश्वकर्मा, आदि उपस्थित थे।