राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि यूपीएसएलडीसी 16.41 घंटे आपूर्ति का दावा कर रहा है जबकि लगातार ब्रेकडाउन और कटौती से उपभोक्ताओं को करीब आठ घंटे ही बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा कि 3650 मेगावाट की आपात कटौती बिजली व्यवस्था की स्थिति को बताती है। सरकार और पॉवर कॉर्पोरेशन को स्पष्ट करना चाहिए कि 18 घंटे के रोस्टर के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में इतनी कम आपूर्ति क्यों हो रही है।
गीले कोयले से भी उत्पादन प्रभावित
पॉवर कॉरपोरेशन के प्रवक्ता के अनुसार, भारी बारिश और जलभराव से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात समेत कई राज्यों में कोयले की कमी हुई है। यूपी में भी गीले कोयले के कारण उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है। कुछ इकाइयां तकनीकी कारणों से बंद हैं। पीक समय में ग्रामीण क्षेत्रों, बुंदेलखंड, तहसील और नगर पंचायत क्षेत्रों में सीमित रात्रिकालीन रोस्टरिंग की जा रही है। कोयले और बिजली की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कोल इंडिया लिमिटेड समेत संबंधित एजेंसियों से लगातार समन्वय किया जा रहा है। प्रबंधन का दावा है कि मई के बाद यूपी ने 74 दिन सर्वाधिक बिजली आपूर्ति की है।