देना पड़ा प्राणों का बलिदान
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार के कृत्यों पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में माफिया राज था। उस समय अराजक तत्वों के हौसले इतने बुलंद थे कि मथुरा के जवाहर बाग में कानून की रक्षा करते हुए वीर पुलिस अधिकारियों को प्राणों का बलिदान देना पड़ा। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि नए उत्तर प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं है। उत्तर प्रदेश उपद्रव से उत्सव प्रदेश बना है। पुलिस को अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की स्वतंत्रता मिली है।
2.26 लाख से अधिक पुलिस भर्तियों, प्रशिक्षण क्षमता में 10 गुना वृद्धि, 7 बड़े शहरों में कमिश्नरेट प्रणाली, प्रत्येक जनपद में साइबर थाने तथा प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना से पुलिस व्यवस्था अधिक सक्षम, आधुनिक और जवाबदेह बनी है। गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत 88,973 अपराधियों पर कार्रवाई और ₹15 हजार करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति की जब्ती अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
सुरक्षित, न्यायपूर्ण और भयमुक्त उप्र के लिए करते रहेंगे कार्य
मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि हमारा संकल्प है कि वीर पुलिस कार्मिकों के बलिदान और उनके परिवारों के त्याग को सदैव स्मरण रखते हुए हम उत्तर प्रदेश को सुरक्षित, न्यायपूर्ण और भयमुक्त बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।