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UP: सीएम योगी बोले- विभाग व ठेकेदारों की गलती के लिए जनप्रतिनिधि जिम्मेदार नहीं, पीडब्ल्यूडी को सख्त चेतावनी

Thu, 21 May 2026 08:40 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग की वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। बैठक में सभी जिलाधिकारी, मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सीएम ने निर्देश दिए कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और मानकों से कोई समझौता न किया जाए।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक निर्माण विभाग की कार्यशैली पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि विभागीय कमियों या ठेकेदारों की गलतियों की जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों पर नहीं डाली जा सकती। विकास कार्यों की गुणवत्ता और तय समय में उन्हें पूरा कराना विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

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मुख्यमंत्री ने बुधवार को लोक निर्माण विभाग की वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। बैठक में सभी जिलाधिकारी, मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सीएम ने निर्देश दिए कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और मानकों से कोई समझौता न किया जाए।

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प्रत्येक जिले से स्थानीय जरूरतों के अनुसार प्रस्ताव तैयार कर एक सप्ताह के भीतर शासन को भेजे जाएं। जून के पहले सप्ताह में कार्ययोजना को मंजूरी दे दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर योजनाओं को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए।

योगी ने कहा कि परियोजनाओं में अपनी पसंद से चयन (पिक एंड चूज) करने वाली प्रवृत्ति नहीं होनी चाहिए। हर परियोजना के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए और पिछले वर्ष स्वीकृत योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट समय से शासन को भेजी जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लोक निर्माण विभाग हर जिले में टीम भेजकर विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कराए।

बैठक के दौरान प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी अजय चौहान ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया। इसमें बताया गया कि वित्त वर्ष 2026-2027 के लिए अब तक 30000 से अधिक प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावों को समय से धरातल पर उतारा जाए।

इस अवसर पर केंद्रीय पशुपालन और डेयरी राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल, प्रदेश के वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री अरुण कुमार सक्सेना, लोक निर्माण राज्यमंत्री ब्रजेश सिंह भी मौजूद रहे।

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हर ब्लॉक में बनाएं हेलीपैड

मुख्यमंत्री ने कहा कि इमरजेंसी सेवाओं को ध्यान में रखते हुए हर ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय के पास हेलीपैड बनाए जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि इनके रखरखाव की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग ले। इनके प्रयोग के लिए निर्धारित शुल्क व्यवस्था भी की जाए।

तारकोल की जगह सीसी रोड पर बढ़ेगा जोर
मुख्यमंत्री ने ईंधन और बिटुमिन (तारकोल) की उपलब्धता पर पड़ रहे प्रभाव का जिक्र करते हुए लोक निर्माण विभाग को तकनीकी नवाचार अपनाने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि दो किलोमीटर तक के ग्रामीण मागों पर सीसी रोड का निर्माण कराया जाए। बिटुमिन की खपत कम करने के लिए सीमेंट ट्रीटेड बेस तकनीक को प्राथमिकता से अपनाया जाए। नगर विकास विभाग की सीएम ग्रिड योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह शहरी कनेक्टिविटी को मजबूत करने की महत्वपूर्ण पहल है, लेकिन इसकी गति बढ़ाने की आवश्यकता है। प्रदेश के प्रत्येक मोहल्ले और कॉलोनी तक बेहतर सड़क बने।
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