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UP: सीएम योगी बोले- मौसम के कारण पैदा हुआ बिजली संकट, जनता से सहयोग की अपील की

Tue, 26 May 2026 11:08 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की पूर्ववर्ती सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज वही लोग बिजली संकट की अफवाह फैलाकर मुद्दा बना रहे हैं जिनके राज में बिजली नहीं आती थी। बिजली के तार पर कपड़े सुखाए जाते थे।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बिजली संकट की वजहें गिनाईं। उन्होंने कहा कि गर्मी बढ़ने से कई थर्मल पॉवर प्लांट ने अचानक शटडाउन ले लिया जिससे बिजली उत्पादन पर असर पड़ा। 2017 तक पीक ऑवर में सप्लाई 15-16 हजार मेगावाट थी जो आज बढ़कर 32-33 हजार मेगावाट पहुंच गई है।

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सीएम ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आज वही लोग बिजली संकट की अफवाह फैलाकर मुद्दा बना रहे हैं जिनके राज में बिजली नहीं आती थी। बिजली के तार पर कपड़े सुखाए जाते थे। सीएम ने अपील की कि जनता ऐसे लोगों के बहकावे में न आएं। सीएम महापौर सुषमा कार्यकाल और पार्षदों के कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे होने पर मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुए कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 413 करोड़ रुपये लागत के 342 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। एक स्मारिका का विमोचन भी किया।

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योगी ने यह भी कहा कि ऊर्जा का संकट पूरी दुनिया में है। दुनिया के तमाम क्षेत्रों में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। जिस अमेरिका के पास अपने ऊर्जा के क्षेत्र हैं, वहां पेट्रोलियम पदार्थ के दाम दोगुने से अधिक हुए हैं। महंगाई चरम पर है लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत में लगातार इसे नियंत्रित किया गया है। पेट्रोलियम उत्पादों के दाम दुनिया में बढ़ेंगे, सप्लाई चेन बाधित होगी तो उसका असर यहां भी पड़ेगा। संकट के समय देश के साथ खड़े होने के बजाय देश को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास अस्वस्थ मानसिकता का पर्याय है। इस मौके पर महापौर सुषमा खर्कवाल ने अपने तीन वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं। नगर विकास मंत्री एके शर्मा और वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने भी शहर के विकास की योजनाओं पर प्रकाश डाला।



बिजली संकट की बताई वजहें...
-2017 से पहले बिजली का उत्पादन छह हजार मेगावाट था जो आज 13 हजार मेगावाट पहुंच चुका है।
- रिन्यूएबल एनर्जी का उत्पादन 10 हजार मेगावाट तक बढ़ा है लेकिन आवश्यकता 33-35 हजार मेगावाट है।

ये अपील भी कीं
- एलपीजी संकट को देखते हुए लोग खाना पकाने में इलेक्ट्रिक हीटर और इंडक्शन का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
- जितनी आवश्यकता है उतनी ही बिजली खर्च करें।
- जब जरूरत न हो तो घरों की लाइटें बंद रखें।
- नगर निगम की स्ट्रीट लाइटें बेवजह न जलती रहें।
- हर नागरिक बिजली निगम के साथ खड़े होकर संकट का सामना करने में सहयोग करे।

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