योगी ने कहा कि पहले पुलिस नेताओं के पालतू जानवरों को जंगल में तलाशने में लगी रहती थी। एसपी और थानेदार किसी अपराधी के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले कई बार सोचते थे। कुछ ही घंटों में अपराधी के बजाय अधिकारी पर कार्रवाई हो जाती थी। उस दौर में अपराधी खुलेआम असलहे लहराते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग पुलिस की एनकाउंटर नीति पर सवाल उठाते हैं और माफिया की कब्र पर जाकर छाती पीटते हैं, वे शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के आंसू पोंछने नहीं जाते। उन्होंने कहा कि जब लोग त्योहारों पर अपने परिवार के साथ खुशियां मना रहे होते हैं, तब पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे होते हैं। योगी ने कहा कि शहीदों का ऋण कभी चुकाया नहीं जा सकता। उनके नाम केवल स्मारकों पर ही नहीं, बल्कि राष्ट्र की चेतना पर भी अंकित होते हैं।